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अतीत का वर्तमान से संवाद ही इतिहास

7 वर्ष पहले
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राजकीयपीजी कॉलेज में इतिहास विभाग के तत्वावधान में इतिहास परिषद के सत्र का उदघाटन हुआ। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सह आचार्य डॉ. आशीष त्रिपाठी के मुख्य अातिथ्य में हुए समारोह में वक्ताओं ने इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर विचार व्यक्त किए। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. सज्जन पोसवाल ने परिषद के कार्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान परिषद के नव निर्वाचित अध्यक्ष योगेश कुमार खाती सचिव कुमारी आयशा खान का स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि त्रिपाठी ने इतिहास की व्याख्याएं भारतीयता का समझ विषय पर कहा कि जब दुनिया में सबसे ज्यादा अंधेरा होता है तो रोशनी की कीमत पहचानी जाती है। दुनिया से दूर भागने से काम नहीं चलता बल्कि इसका सामना करने की क्षमता युवाओं में होनी चाहिए। उन्होंने भारतीयता के अनेक पहलुओं की विवेचना की।

कार्यक्रम डॉ. अनिता वर्मा, डॉ. आरएन झा, डॉ. हमीद अहमद, डॉ. राजेश शर्मा, श्रीमती अशोक कंवर, डॉ. फूलसिंह गुर्जर, आरके मीणा, विजय सर्राफ, आरके माली, ओपी बैरवा, नरेश वर्मा, एके गुप्ता, वीपी सिंह, दिनेश मीणा, उषा सिंह टांक, अरजुमंद कुरैशी, रूपम कुलश्रेष्ठ, आरके गर्ग, रेखा भदोरिया, लक्ष्मीबाई आदि ने भाग लिया। मंच संचालन प्रणव देव धन्यवाद ज्ञापन डॉ. इकबाल फातिमा ने दिया।

>झालावाड़. पीजी कॉलेज में इतिहास परिषद की कार्यशाला में मौजूद व्याख्याता।