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- संभाग स्तरीय सेमिनार में बोलते हुए हाईकोर्ट जज।
संभाग स्तरीय सेमिनार में बोलते हुए हाईकोर्ट जज।
संभाग स्तरीय सेमिनार में बोलते हुए हाईकोर्ट जज।
भास्कर न्यूज |कोटा
राजस्थानहाईकोर्ट के जस्टिस वीरेंद्र सिंह सिराधना ने कहा कि हर वर्ग के व्यक्तियों को बाल विवाह और बाल तस्करी की रोकथाम के लिए आगे आना चाहिए। जब तक लोगों में इसके प्रति ऊर्जा का संचार नहीं होगा। हम इसकी रोकथाम के लिए प्रयास नहीं कर पाएंगे और हमेशा हम इस समस्या से जूझते रहेंगे।
वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कोर्ट परिसर स्थित एडीआर भवन में रविवार को सुबह 10 बजे बाल विवाह एवं बाल तस्करी प्रतिषेध बालकों के अधिकार : भविष्य का संचार विषय पर आयोजित संभाग स्तरीय द्विमासिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को बाल विवाह और बाल तस्करी प्रतिषेध के बारे में लोगों को जानकारी देने की आवश्यकता है। इसके लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। हाईकोर्ट जस्टिस कंवलजीत सिंह अहलूवालिया ने कहा कि लोगों को कानूनी जानकारी देने की आवश्यकता है। लोगों को अपनी सोच को बदलना होगा। कार्यशाला से पहले दोनों हाईकोर्ट जस्टिस ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में कोटा के जिला जज देवेंद्र कच्छावा, बारां जिला जज कैलाशचंद मीणा, बूंदी जिला जज रमेशचंद मीणा और झालावाड़ जिला जज ईश्वर जयपाल सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यशाला में जिला जज देवेंद्र कच्छावा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि आज बाल तस्करी को रोकने के लिए अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसके लिए लोगों के बीच जनचेतना लानी होगी।
कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल विवाह से क्या-क्या हानियां है और इसके संबंध में क्या कानून बनाए गए हैं। इस बारे में कार्यशाला में उपस्थितजनों को जानकारी से अवगत कराया गया। कार्यशाला में मजिस्ट्रेट संजय भटनागर, पर्यावरणविद डॉ. एलके दाधीच, बाल कल्याण समिति की सदस्य शाहिना परवीन, समाजसेवी यज्ञदत्त हाड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव वरूण तलवार, सीजेएम शिवानी जोहरी भटनागर, एससीएसटी कोर्ट के जज केशव कौशिक, एसीजेएम -7 मनीष अग्रवाल सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील उपस्थित थे। संचालन एसीजेएम मनोज सोनी ने किया।