स्वाइन फ्लू की दहशत, ओपीडी 800 पार
झालावाड़।जिलेमें स्वाइन फ्लू को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इसके तहत आयुर्वेद विभाग द्वारा काढा़ बनाकर पिलाया जा रहा है। मंगलवार को राजकीय आयुर्वेद औषधालय रूपारेल में काढ़ा वितरण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों पर ग्रामीणों ने काढ़ा पिया। रुपारेल आैषधालय के प्रभारी डॉ. भूपेंद्र मीणा ने गिलोय, दशमूल क्वाथ, पिप्ली, अदरक, हल्दी, कालीमिर्च, टंकण भस्म, तुलसी, गुड आदि औषधी मिलाकर काढ़ा तैयार किया।
स्वाइनफ्लू से बचाव की जानकारी
सारोलाकलां. क्षेत्रके तारज के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में राजकीय आयुर्वेद औषधालय के चिकित्सा प्रभारी मुकेश सुमन ने छात्र-छात्राओं को स्वाइन फ्लू अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू, मलेरिया, डेंगू, सर्दी, जुकाम,सहित बीमारियों से बचने के लिए गिलोप, तुलसी, अदरक, काली मिर्च, गुड का काढा बनाकर सेवन करने की सलाह दी।
डग.कस्बेमें रूद्राक्ष सेवा समिति ग्राम पंचायत डग के तत्वावधान में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए आयुर्वेदिक औषधियों से युक्त काढ़ा तैयार कर कस्बेवासियों आदर्श विद्या मंदिर स्कूल के विद्यार्थियों वितरित किया गया। आदर्श प्राथमिक विद्यालय में अध्यापकों द्वारा काढ़ा तैयार कर छोटे छोटे बच्चों को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाकर बीमारी के लक्षण उपचार के बारे में बताया। समिति सदस्यों ने बताया कि काढ़ा बनाने के लिए लोंग, कालीमिर्च, दशमूल, तुलसी, गोचिव्यादी, अदरक, नीम, नीत गिलोय, हल्दी गुड आदि आयुर्वेदिक औषधियों को मिलाकर बनाया गया। सुनिल व्यास, प्रकाश आनंद, नारायण व्यास, कपिल प्रधान, राजू राठौर, गोपाल प्रधान सहित समाजसेवियों ने अपना योगदान दिया
आयुर्वेदिककाढ़ा पिलाया
रटलाई.प्रदेशमें बढ़ते स्वाइन फ्लू के प्रकोप से लोगो में भय पैदा हो गया है। जिससे चलते अस्पताल में बड़ी संख्या में सर्दी-जुकाम के रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे है। चिकित्सा विभाग की ओर से भी लोगो को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मंगलवार को लाल माता चौक पर स्वाइन फ्लू से बचाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया गया। जिसे पीने के लिए लोगो की भीड़ लग गई। आयुर्वेदिक अस्पताल के वैद्य ओमप्रकाश शर्मा की देखरेख में काढा बनाया गया। काढा बनाने में कृष्ण मित्र मंडल ओम सांई मित्र मंडल ने सहयोग प्रदान किया। अनिल कुमार शर्मा, महेंद्र कुमार वैष्णव, हिमांशु शर्मा, रघुनंदन शर्मा, धीरज पालीवाल, कालू प्रजापति, आदि ने सहयोग प्रदान किया।
अस्पताल में अपने दोनों बेटे-बेटी का चेकअप कराने आए धर्मेंद्र मालव ने बताया कि वे सुबह 10 बजे अपने बच्चों को दिखाने आए थे, लेकिन दो घंटे बाद भी वे बच्चों की दवाइयां लेने का इंतजार कर रहेे थे। ऐसे में फोन कर छुट्टी लेनी पड़ी। इसके बाद भी दवाइयां लेने में उनको एक घंटे लाइन में लगना पड़ा।
नहींलें रिस्क, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
डॉ.ओपी शर्मा ने बताया कि इन दिनों स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक है ऐसे में किसी प्रकार का रिक्स नहीं ले अगर जुकाम खासी ठीक नहीं हो रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले, ताकि समय पर इलाज हो सके। क्योंकि यह सर्दी जुकाम ही स्वाइन फ्लू में बदलता है।
मरीजोंके बाद व्यवस्थाएं भी चरमराईं
एकसाथ इतने मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्था भी चरमरा गई है। केवल उन्हीं मरीजों को भर्ती करने के निर्देश दिए गए है तो ज्यादा गंभीर है। ब्लड सैंपल का आंकड़ा भी 500 के लगभग पहुंच गया है।
निजीअस्पतालों को नोटिस
सीएमएचओडॉ. साजिद खान ने बताया कि मंगलवार को जिले के सभी प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है कि वे अपने यहां आने वाले स्वाइन फ्लू रोगी या संदिग्ध मरीजों की सूचना दे ताकि उन मरीजों को टेमी फ्लू टेबलेट दी जा सके। उनको स्वास्थ्य विभाग के नंबर आदि भी दिए गए ताकि समय पर सूचना मिले। अगर कोई अस्पताल सूचना नहीं देता है तो उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
रटलाई. कस्बेमें मंगलवार को औषधियुक्त काढे का वितरण किया गया।
झालावाड़. स्वाइनफ्लू की दहशत से इन दिनों अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में मंगलवार को शिशु रोगियों की लगी भीड़।
भास्कर न्यूज| झालावाड़
जिलेमें स्वाइन फ्लू की दहशत के चलते अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में मरीजों की संख्या 40 फीसदी तक बढ़ गई है। यानी एक ही दिन में मेडिसिन में 800 रोगी प्रतिमाह बीमार पहुंच रहे है। इसी प्रकार शिशु रोगियों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। प्रतिदिन संदिग्ध रोगी सामने रहे है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा है। अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में सामान्य दिनों में मरीजों की संख्या 400 से 500 रहती है, लेकिन पिछले एक महीने से प्रतिदिन मरीजों की संख्या साढे़ 700 से 800 के बीच पहुंच गई है। डॉक्टरों का भी मानना है कि स्वाइन फ्लू पॉजीटिव सामने आने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
इन दिनों अस्पताल में सर्दी जुकाम बुखार के रोगी बड़ी संख्या में सामने रहे है। इन दिनों अस्पताल में हालात यह है कि मरीजों को इलाज कराने के लिए लाइनों में लगने के बाद भी 1 से डे़ढ घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। यह भी देखने में आया है कि स्वास्थ्य विभाग के सर्वे के बाद तो लोग किसी प्रकार का रिक्स नहीं लेना चाहते। वायरस इस कदर फैल रहा है कि सर्दी जुकाम खांसी वाले लोगों के संपर्क में आते ही लोग बीमार पड़ रहे हैं।
शिशुरोगियों की संख्या बढ़ी
अस्पतालमें शिशु रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां डेढ़ सौ से 200 मरीज आते थे, पिछले 20 दिनों में वहां साढे़ तीन सौं से अधिक मरीज पहुंच रहे है। मंगलवार को शिशु वार्ड ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखते नहीं बन रही थी। शिशु वार्ड के बाहर लगी कतार इतनी लंबी थी कि अंत में खडे़ मरीज का तो दाे घंटे बाद चेकअप के लिए नंबर आया होगा। सुबह 9 बजे शुरू हुई ओपीडी आखिरी समय तक जारी रही।
पूरीदवाइयां तक नहीं मिलीं
अस्पतालमें रहे मरीज के परिजनों ने बताया कि अस्पताल में पूरी दवाइयां नहीं मिल रही है। डॉक्टर पांच दवाइयां लिख रहे है तो दो बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा मिक्स साल्ट भी पूरे उपलब्ध नहीं है। अलग-अलग साल्ट अस्पताल से दिए जा रहे है। दवाइयां लेने में भी लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दवाइयां लेने के लिए प्रत्येक काउंटर पर लोगों की भारी भीड़ है।