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एमबीएस में नेफ्रोलॉजी का कोई अलग से वार्ड नहीं

7 वर्ष पहले
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सिजेरियन के लिए 21 स्वास्थ्य केन्द्र चििह्नत, सुविधा सिर्फ एक पर

मातृएवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा और घर के पास स्वास्थ्य केन्द्र पर ही प्रसव की सुविधा देने का दावा करते नहीं थक रही हैं। लेकिन, जिले में जिन 21 स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रसव के लिए चिन्हित किया है। उनमें से सिर्फ एक पर ही सिजेरियन की व्यवस्था हैं। इसके कारण अधिकांश प्रसूताओं को जेके लोन ही रेफर करना पड़ता है।

21 अस्पतालों में तीन सब सेंटर, 12 सीएचसी और 6 पीएचसी शामिल हैं। हालात ये है कि कहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है तो कहीं एनेस्थेटिक नहीं हैं। कुछ स्वास्थ्य केन्द्र के भवन छोटे हैं तो कहीं डॉक्टरों के रहने के लिए क्वार्टर तक नहीं है। ऐसे में चिन्हित स्वास्थ्य केन्द्रों पर सिजेरियन तो दूर सामान्य प्रसव भी नहीं हो पाते हैं।

जिलेमें केवल एक ही एनेस्थेटिक

जिलेमें केवल एक ही एनेस्थेटिक, डॉ. ब्रह्मदेव त्रिपाठी हैं। उन्हें भी इन दिनों मोबाइल सर्जिकल यूनिट के साथ ही लगाया हुआ है। झालावाड़ जिले से एनेस्थेटिक डॉ. जितेन्द्र डंक को बुलाया गया है, जो दादाबाड़ी सीएचसी पर सेवाएं दे रहे हैं।

ये केन्द्र हैं चिन्हित

इटावा कस्बे की इस सामुदाियक स्वास्थ्य केन्द्र में सिजेरियन की कोई व्यवस्था नहीं है।

एमबीएस अस्पताल के नेत्र वार्ड में ही नेफ्रोलॉजी विभाग के मरीज भी भर्ती हो रहे हैं।

बिगड़ती व्यवस्था पर कोई नहीं दे रहा ध्यान