बेटियों के खाते से मिलेगी आयकर में छूट
डाकविभाग की ओर से बेटियों की समृद्धि के लिए सुकन्या समृद्धि खाता योजना की शुरुआत की गई है। योजना के तहत 10 वर्ष की उम्र के बाद परिजन अपनी बेटियों के नाम का खाता अपने पास के किसी भी डाकघर में खुलवा सकते हैं। जिले के प्रत्येक डाकघर में परिजनों को अपनी बेटियों के नाम से खाता खुलवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुकन्या समृद्धि खाते पर साल 2014-15 के लिए सरकार 9.1 फीसदी ब्याज देगी। इस खाते की खासियत यह है कि पैसे जमा करवाने पर आपको आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत 1.5 लाख रुपए तक की कटौती का लाभ मिलता है।
दोबेटियों का खुल सकता है डाकघर में खाता
यहखाता 10 वर्ष की बच्चियों के नाम खुलवाया जा सकता है। एक बच्ची के नाम ऐसा एक ही खाता खुलवाया जा सकता है। इसके साथ ही एक व्यक्ति दो बेटियों के नाम से खाता खुलवा सकता है। वहीं अगर दूसरी बच्ची के जन्म के समय आपको जुड़वां बेटी होती है, तो आप तीसरा खाता भी खुलवा सकते हैं।
कैसेखुलवाएं खाता
जिलेमें स्थित किसी भी पोस्ट ऑफिस की अधिकृत शाखा में सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाया जा सकता हैं। इसके लिए बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट और अन्य डॉक्यूमेंट जैसे आपकी आइडेंटिटी और रेजिडेंट प्रूफ देना होगा। रुपए आप चेक, कैश या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए जमा करवा सकते हैं।
कितनेपैसे कर सकते हैं जमा
सुकन्यासमृद्धि खाता खुलवाने के समय 1000 रुपए और उसके बाद 100 रुपए के गुणक में पैसे जमा करवा सकते हैं।
बेटीके 18 वर्ष या शादी में खाता होगा मेच्योर
सुकन्यासमृद्धि खाते में जमा होने वाली राशि को परिजन बच्ची के 18 साल के होने से पहले नहीं निकाल सकेंगे। उसके 21 वर्ष के होने पर सुकन्या समृद्धि खाता मैच्योर हो जाएगा। बच्ची के 18 वर्ष के हो जाने पर परिजनों को आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। इसके तहत बेटी के 18 वर्ष के होने पर 50 फीसदी तक की राशि की निकासी कर सकते हैं। एक वित्त वर्ष में इस खाते में जमा की गई रकम 1.5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। खाता खोलने की तारीख से 14 साल तक पैसे जमा करवा सकते हैं।
^यह बेटियों के भविष्य को देखते हुए सरकार द्वारा यह योजना शुरू की गई है। इसके तहत परिजन अपनी बेटी के नाम पैसा जमा करवाकर सालाना 9.1 प्रतिशत ब्याज आयकर में भी 1.5 लाख रुपए तक की छूट पा सकते हैं। इस खाते के खुलवाने के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च रखी गई है। परिजन जिले के किसी डाकघर से इस खाते को खुलवा सकते हैं। -रईसअली कार्यवाहक पोस्टमास्टर, झालावाड़