मुआवजे का पेंच नहीं सुलझा, रोका काम
पिड़ावा. कस्बे में स्थित गागरीन बांध जिसका कार्य रुका हुआ है।
9 हजार हैक्टेयर भूमि होगी सिंचित
आहूनदी पर बन रहे गागरीन बांध से क्षेत्र के 40 गांवों की करीब 9 हजार हैक्टेयर भूमि सिंचित होनी है, जिससे क्षेत्र में खुशहाली आएगी। लेकिन देरी के चलते कमांड क्षेत्र के किसानों को समय पर इसका फायदा नहींं मिल सका है।
भास्कर न्यूज| झालावाड़
गागरीनबांध के डूब क्षेत्र में आए काश्तकार नई डीएलसी दर के मुआवजे देने की जिद पर अड़े हुए हैं। इस पेंच के नहीं सुलझ पाने के कारण करीब सवा साल से बांध का कार्य एकदम ठप पड़ा है। ठेकेदार ने दो दिन पहले बांध साइट पर मशीन लगाकर काम प्रारंभ करने का प्रयास किया। उसी वक्त वहां पहुंचे किसानों ने फिर काम रोक दिया। ये गतिरोध कब टूटेगा, इस बारे में फिलहाल कुछ कहना संभव नहीं है। हालांकि जलसंसाधन विभाग ने इस विवाद का हल निकालने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा है।
आवर के पास आहू नदी पर स्वीकृत गांव के डूब क्षेत्र के 992 किसानों को पुरानी डीएलसी दर से मुआवजा दिया जा चुका है। शेष 170 हैक्टेयर के 189 किसानों को नई दर से मुआवजा मिलना है। उनके अवार्ड तैयार हो चुके हैं। अब पहले मुआवजा ले चुके किसान भी नई दर से भुगतान देने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर अक्टूबर 2013 में काम रुकवा दिया था। तब से लेकर कई बार समझाइश करने के प्रयास किए, लेकिन उनके जिद पर अड़े से रहने से काम शुरू नहीं हो सका। इससे पूर्व भी कई बार काम रोका गया। हालात यह है कि 8 साल पहले स्वीकृत गागरीन बांध का अभी तक सिर्फ 55 प्रतिशत ही काम हो सका।
उस समय देरी के लिए जलसंसाधन विभाग ने कार्य कर रही एजेंसी को जिम्मेदार बताते हुए उसका ठेका निरस्त कर दिया। इसके बाद बांध का कार्य पूरा करने के लिए नवंबर 2014 में नई एजेंसी को 28 करोड़ का ठेका दे दिया। उसने बांध साइट पर पहुंचकर काम प्रारंभ करने का प्रयास किया तो डूब क्षेत्र के किसान आए और मांग पूरी नहीं करने तक कार्य नहीं चलने देने की चेतावनी देकर फिर काम रोक दिया। इससे विभाग फिर सकते में गया है।
189किसानों के अवार्ड तैयार
वर्ष2006 में स्वीकृत गागरीन बांध के डूब में आई 1178 हैक्टेयर भूमि का 992 किसानों को पुरानी डीएलसी से मुआवजा दिया जा चुका है। शेष 170 हैक्टेयर भूमि का 189 किसानों मुआवजा दिया जाना है, उन्हें नई डीएलसी से मुआवजा मिलेगा। इनके अवार्ड तैयार हो गए है।
18माह में पूरा करना होगा बांध का काम
पहलेठेकेदार ने बांध का सिर्फ 20 करोड़ रुपए का काम किया था, 16 करोड़ का काम बचा हुआ है। नए टेंडर किए गए। इनमें दर अधिक आने से बचा हुआ काम पूरा करने के लिए 28 करोड़ का ठेका हुआ है। विभाग ने स्पिल वे और डेम का कार्य पूरा करने का समय दिया है।
किसानोंको समझाने के होंगे प्रयास
^बांधके डूब क्षेत्र में आए किसानों को समझाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उनके साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी। यदि फिर भी नही माने तो पुलिस प्रोटेक्शन लेकर काम करवाया जाएगा। एमसीशर्मा, एक्सईएन, चंवली खंड, झालावाड़