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थ्री बी राष्ट्र विकास का आधार: खींची

6 वर्ष पहले
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झालावाड़| राजकीयपीजी कॉलेज के युवा विकास केंद्र के तत्वावधान में मंगलवार को प्रतियोगिता परीक्षा में सम्प्रेक्षण कौशल पर एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता डा.एस के खींची थे।

उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिक एवं दार्शनिक ज्ञान ही विश्व विकास का आधार स्तम्भ है। आज भी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा पुंज एवं युवा शक्ति की मिसाल है। युवा स्वचरित्र निर्माण कर परिश्रम समर्पण एवं संकल्प शक्ति से लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। प्रतियोगिता के दौर में युवाओं को हरफनमौला बनना पड़ेगा। इसमें राष्ट्र एवं समाज प्रगतिपथ पर आगे बढ़ेगा। राष्ट्र एवं समाज के विकास के लिए युवाओं को तीन बी यानी ब्रेन, ब्रेवरी एवं ब्यूटी का विकास करना पड़ेगा। डा.खींची ने बताया कि कठोर परिश्रम स्वाध्याय साध्य प्राप्ति के श्रेष्ठ साधन है। कॉलेज वास्तुशाला, प्राध्यापक शिल्पी एवं विद्यार्थी मूर्ति होते हैं। जिनमें सामंजस्य स्थापित कर श्रेष्ठ मानव का निर्माण किया जा सकता है। उप प्राचार्य के बी भारतीय ने कहा कि युवा राष्ट्र का दर्पण हैं जिसका अवलोकन कर राष्ट्र विकास का अनुमान लगाया जाता है। सशक्त युवा ही सशक्त राष्ट्र की पहचान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डा.सुनील भार्गव ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए मात्रात्मक किताबों की नहीं अपितु गुणात्मक किताबों का अध्ययन करना चाहिए। इससे विषय पर अधिकार हो सके। कार्यक्रम में रामकिशन माली, हमीद अहमद, एसडी मीणा सहित कई ने विचार व्यक्त किए।