13 घंटे में मिला फाल्ट नल भी नहीं आया
ओलावृष्टि से असनावर, चौमहला में फसलें खराब
झालावाड़. पुराने दुर्गपुरा फीडर में फाल्ट ठीक करता कर्मचारी।
भास्कर न्यूज| झालावाड़
जिलेमें दूसरे दिन शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। असनावर, चौमहला उन्हैल में देर रात हुई ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। इसको लेकर पटवारियों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। असनावर क्षेत्र के 11 गांवों में ओलावृष्टि अधिक होने से धनिया सरसों की फसल में नुकसान हुआ है। रायपुर में एक इंच बारिश दर्ज की गई। अन्य कस्बों में भी ओलावृष्टि हुई है, लेकिन यहां नुकसान नहीं हुआ है। वहीं रुक-रुक कर दिनभर बारिश का दौर चलने से सर्दी भी तेज हो गई है।
शहर में शनिवार तड़के चार बजे से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हो रही थी। सात बजे बारिश का दौर थमा, लेकिन आसमान में घटाएं छाई रहीं और बादल गरजते रहे। साढ़े 10 बजे बाद एक बार फिर तेज बारिश शुरू हुई, जो आधे घंटे तक हुई। बारिश होने से वातावरण ठंडा हो गया। दिनभर लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। कई जगह अलाव जलाकर भी सर्दी से बचने का जतन किया। लगातार बारिश से बिजली ने भी काफी परेशान किया। सुबह उठते ही बारिश अंधेरा होने से लोगों के घरेलू काम भी ठीक से नहीं हो सके।
असनावरके 11 गांवों में नुकसान
असनावर।क्षेत्र में शुक्रवार देर रात को तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से 11 गांवों में नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से उनकी धनिया सरसों की फसल खराब हो रही है। नानूराम मीणा ने बताया कि इस बार सरसों की फसल की बुवाई कर भाग्य आजमाया था, लेकिन देर रात को हुई ओलावृष्टि ने उसे भी खराब कर दिया। वहीं बजरंगलाल मीणा रामबाबू मीणा ने बताया कि उनकी धनिया की फसल ओलावृष्टि से आड़ी पड़ गई है। ऐसे में किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की मांग करना शुरू कर दिया है। किसानों के अनुसार क्षेत्र के तेलियाखड़ी, गादियाकुंड, रुपारेल, अकवासा, बड़बेली, बड़बेला, हरिपुरा, जेतपुरा, मोतीयाडूंगरी, कुंडबारी, डूंगरी में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। किसानों द्वारा तहसीलदार को नुकसान की सूचना देने के बाद उन्होंने पटवारियों को सर्वे के निर्देश दे दिए हैं।
तीनसाल से झेल रहे ओलावृष्टि की मार
किसानोंने बताया कि वे पिछले तीन साल से ओलावृष्टि की मार झेल रहे हैं। क्षेत्र में प्रशासन द्वारा पिछले तीन सालों