कथक से जगाए विष्णु के दस अवतार
राष्ट्रीयसेवा योजना स्पिक मेके के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में शिविर आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना स्पिक मेके के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हमारी सांस्कृतिक विरासत श्रृंखला के तहत देहरादून से आई प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना नम्रता राय ने गुरूवंदना से कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए गणेश स्तुति के भाव-पद प्रस्तुत किए। मूलत: लखनऊ घराने की नम्रता राय दक्षिण अमेरिका के भारतीय राजदूतावास में कार्यरत है। कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र जैन प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रकाश शर्मा ने कलाकार को स्मृति चिन्ह पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथि परिचय देते हुए बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि नम्रता राय ने 12 वर्ष की आयु में डाॅ. मधुकर आनंद शर्मा से दीक्षा ली। कवि राजेंद्र तिवारी ने बताया कि कलाकार कैरेबियन देशों में जनजातियों को नृत्य सिखा रही हंै। राय ने विष्णु के दशावतार एंव दुर्गा स्तुति नृत्य को अंग-चेष्टाओं, पद संचालन, हस्त मुद्राओं के साथ प्रस्तुत किया। नम्रता राय ने कथक की बारीकियों को समझाते हुए बताया कि मुगलकाल में कथा वाचन से कथक का सम्बंध रहा और इसे तानसेन के समय ऊचाईयां मिली। संयोजक रामावतार परिहार ने बताया कि नम्रता राय बेल्जियम, जर्मनी, स्विट्जरलैण्ड सहित कई देशों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। व्याख्याता अश्लेष शर्मा ने कहा कि कलाकार दिल्ली-दूरदर्शन पर अनेक प्रस्तुतियां दे चुकी। कार्यक्रम के बाद अाभार रामावतार परिहार ने व्यक्त किया। राय ने डायनेमिक संस्था में भी कार्यक्रम पेश किया। संचालन कवि राजेंद्र तिवारी ने किया। नम्रता राय ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पंडित बिरजू महाराज के प्रेरणा से बचपन में लखनऊ आकर 8 वर्ष तक निरंतर कथक का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वे अब तक 5 हजार से अधिक युवक-युवतियों को नृत्य सिखा चुकी है।
झालरापाटन.देहरादूनसे आई स्पीक मैके की नृत्यांगना नम्रता राय ने शुक्रवार को डायनेमिक क्लासेज द्वारा आयोजित जेके परिणय प्लाजा में हुए कथक नृत्य के कार्यक्रम में दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। मां सरस्वती की वंदना से शुरू हुए इस कार्यक्रम में पंडित उदय मजूमदार द्वारा विरचित गीत गोविन्द के दशावतार, राधा-विरह में कृष्ण का इन्तजार, सखी द्वारा राधा को कृष्ण से मिलने को ले जाने जैसी प्रस्तुतियां दी तो वहां उपस्थित बच्चे म