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5 के खिलाफ कार्रवाई, 18 बीघा भूमि सिवायचक घोषित
कृषिभूमि को बिना कन्वर्ट करवाए प्लॉट काटना भू माफियाओं को भारी पड़ गया। एसडीएम कोर्ट ने ऐसे पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 18 बीघा 8 बिस्वा भूमि को सिवायचक यानी सरकारी जमीन घोषित कर दिया। गौरतलब है कि कृषि के लिए सरकार से भूमि तो ले ली, लेकिन उसका काश्तकारी करने के बजाय बिना कन्वर्जन के ही उसे बेचना शुरू कर दिया।
इसको प्रशासन ने गंभीरता से लिया और एसडीएम कोर्ट में मामला चलने के बाद इसको सिवायचक भूमि घोषित किया गया। एसडीएम शिवप्रसाद एम नकाते ने बताया कि बिना कन्वर्जन कृषि भूमि बेचने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। कन्वर्जन नहीं होने से सरकार को करोड़ों रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा है। यहां शहर सहित जिलेभर में बिना कन्वर्ट किए कई कॉलोनियां कट रही हैं। कन्वर्जन के लिए बाकायदा नगरपरिषद, पंचायत समिति, तहसील स्तर पर राजस्व जमा होता है।
इसके अलावा टॉउन प्लानर से जमीन को एप्रूव्ड करवाना अनिवार्य होता है। कन्वर्ट होने के बाद कॉलोनाइजर को वहां लोगों के लिए सड़क, पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करनी होती है। इन्हीं सुविधाओं को विकसित नहीं करने के चक्कर में कॉलोनाईजर कॉलोनियों को कन्वर्ट कराने से बचते हैं।
भास्कर ने चलाई थी मुहिम
कृषिभूमि को बिना कन्वर्जन के बेचान करने वालों के खिलाफ दैनिक भास्कर ने मुहिम चलाई थी। इसमें लगातार खबरें प्रकाशित की गई थी। खबरें प्रकाशित होने के बाद झालरापाटन तहसीलदार ने बिना कन्वर्ट कराए कृषि भूमि में प्लॉट काटने वालों को नोटिस दिए थे। तीन नोटिस के बाद मामला एसडीएम कोर्ट में गया था। इसके बाद अभी पांच लोगों के फैसले हुए हैं। इससे कॉलोनाइजरों को जहां लाखों का फायदा होता है, वहीं सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ ही लोगों को संबंधित कॉलोनी में सालों तक सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
इनकीजमीनें हुई सरकारी
एसडीएमकोर्ट ने झालावाड़ निवासी सीमा सोनी की खसरा नंबर 3045, 3048, 3051, 3954 की 3 बीघा 16 बिस्वा, धनवाड़ा गांव में रामप्रसाद की एक बीघा 06 बिस्वा, गोपाल पुरा में इरशाद मोहम्मद की 10 बीघा 9 बिस्वा, गोपालपुरा में देव बाई की 1 बीघा 06 बिस्वा और गोपालपुरा में ही दुलीचंद की भूमि 1 बीघा 11 बिस्वा को सरकारी जमीन घोषित कर दिया है।