मुस्कान 8 वर्ष की आयु में पहली बार गई स्कूल
धनवाड़ागांव की विधवा महिला की आठ वर्षीय पुत्री मुस्कान ने अब तक स्कूल का मुंह नहीं देखा था। अब गुरुवार से वह प्रतिदिन स्कूल पढ़ने जाएगी।
आज सुबह 10 बजे धनवाड़ा की बदामी बाई अपनी पेंशन के 500 रुपए लेने जब मिनी सचिवालय स्थित अटल सेवा केन्द्र पहुंची तो उसके साथ उसकी आठ वर्षीय पुत्री मुस्कान भी थी। उसी समय कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र सोनी भी वहां पहुंचे और उनकी नजर मुस्कान पर पड़ी। कलेक्टर ने उससे पूछा कि वह स्कूल क्यों नहीं गई तो इस मुस्कान की मां ने बताया कि इसने तो आज तक स्कूल का मुंह नहीं देखा। इसका एक भाई है जो रोज स्कूल जाता है। कलेक्टर ने उसी समय नगर परिषद आयुक्त रामनारायण बड़गुर्जर को निर्देश दिए कि मुस्कान को तुरंत स्कूल में प्रवेश दिलवाए तथा उसके लिए यूनिफार्म एवं स्लेट-बस्ता आदि का भी प्रबंध करें। इस पर आयुक्त उस बालिका तथा मां को अपनी गाड़ी में बिठाकर पुरानी बस्ती धनवाड़ा स्थित सरकारी स्कूल ले गए। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी झालरापाटन ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुस्कान को यूपीएस संस्कृत विद्यालय में प्रवेश दिला, यूनिफार्म और स्लेट का प्रबंध किया।
मुस्कान तथा उसके भाई को पालनहार योजना का लाभ दिलवाने के लिए बादामी बाई का पालनहार योजना में भी फार्म भरवाया। यह पूरी प्रक्रिया डेढ़ घंटे में पूरी हो गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अजीत शर्मा ने बताया कि इन दोनों बच्चों के पालन के लिए उनकी मां बादामी बाई को 2 हजार रुपए प्रति माह मिलेंगे।
यह राशि बच्चों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक जारी रहेगी। बादामी बाई के पति भैरूलाल का निधन कई साल पहले हो चुका है तथा बादामी बाई को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अन्तर्गत 500 रुपए प्रतिमाह पहले से ही मिल रहे हैं। अब कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद उसे पालनहार योजना सहित कुल 2500 रुपये प्रति माह मिलेंगे।