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लेवल बढ़ने पर कालीसिंध का गेट खोला, 500 क्यूसेक पानी छोड़ा, बारिश से सड़कें लबालब

4 वर्ष पहले
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बकानी में 2 घंटे बारिश से ही गांव की सरकार के दावे भी पानी में बहे

पहली बारिश भी नहीं सह पाया पिपलोदी माइक्रो डैम, रिसाव

जिलेमें शुक्रवार को सावन की झड़ी लगी रही। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। लगातार बारिश से बांधों में पानी की आवक तेज हो गई है। कालीसिंध बांध का जलस्तर बढ़ने पर शनिवार को गेट नंबर 15 को 0.2 मीटर खोलकर 500 क्यूसेक पानी की निकासी गई।

कंट्रोल रूम ने अगले 24 घंटे में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। जावर-कामखेड़ा मार्ग पर परवन नदी की रपट पर पानी आने से मार्ग जाम हो गया। जिले में सबसे अधिक बारिश शनिवार को रायपुर में 82 बकानी में 42 एमएम हुई। इसके अलावा झालावाड़, झालरापाटन, अकलेरा, मनोहरथाना, खानपुर, चौमहला भी सुबह से रुक-रुक बारिश होती रही। जबकि इससे पहले बीती रात को भी बारिश होती रही।

झालावाड़में 37 एमएम बारिश

शहरमें शनिवार को सुबह 10 बजे से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। बारिश होने से सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया। इससे लोगों को निकलने में खासी परेशानी हुई। शाम 6 बजे तक शहर में 35 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश होने से लोगों को उमस से राहत मिली।

सुनेल.कस्बेमें सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने अनुसार 18 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इससे खेतों में पानी भर गया। बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई।

बकानीमें दो घंटे झमाझम

बकानी।कस्बे में शनिवार को दो घंटे झमाझम बारिश के बाद भी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा।

लगातार बारिश से नदी नालों में पानी की आवक तेज हो गई है। क्षेत्र मे भी रीछवा, सलावद, नानोर बढ़ाय, भानपुरिया, रेपला, देवनगर आदि गांव मे बारिश होने छोटे खाळ नालों मे पानी बह निकला तथा कस्बे में मुख्य बाजार मे पानी का बहुत तेज बहाव होने के कारण लोगों दुकानों पर बैठे रहे। फसलों को काफी फायदा होगा। संबंधित|15पर

बकानी. सड़क पर बहता बारिश का पानी।

मनोहरथाना| पिपलोदीमें बना हुआ माइक्रो डैम अभी अधूरा ही है, लेकिन अभी से ही इसमें रिसाव शुरू हो चुका है। अभी निर्माण पूरा भी नहीं हो पाया है और इसमें रिसाव शुरू हो चुका है। विभाग की अनदेखी के चलते किसानों को फसल गलने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि एसडीएम को तीन बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पा रहा है। 2015-16 में पिपलोदी गांव में 1 करोड़ 78 लाख रुपए से यह बन रहा था उसी समय संबंधित कंपनी इस डैम को अधूरा छोड़कर चली गई। बाद में दूसरी कंपनी को यह काम दिया, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है।

नींवकमजोर का मुद्दा उठाया तो भेज दिया जेल

पिपलोदीके ग्रामीणों द्वारा डैम की खुदाई के चलते आला अधिकारियों को ठेकेदार की कमियों से अवगत कराया था, लेकिन उस समय अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी शिकायत पर गांव के रामदयाल पुत्र घीसा को कार्य में बाधा डालने के कारण जेल की सजा मिली थी। डैम में बनाई वेस्ट वियर वाल की नींव को गहरी एवं मजबूत नहींं बनाने के कारण डैम में लगातार रिसाव हो रहा है। समय रहते यदि इस और ध्यान नही दिया गया तो यह वाल पानी के दबाव से टूट सकती है।

^ठेकेदार को बारिश से पहले ही नोटिस देकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही पानी के ठहरने के बाद ही आगामी भुगतान किया जाएगा। जीवनराममीणा, एईएन सिंचाई विभाग

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