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झालावाड़. गणपति मंदिर पर किया शृंगार।

4 वर्ष पहले
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सावन माह की प्रदोष पर शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु

सावनमाह के प्रदोष पर शुक्रवार को जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और भगवान भोले का विशेष जलाभिषेक-दुग्धाभिषेक किए और आकर्षक शृंगार किया गया।

सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना के लिए भीड़ उमड़ी। शिवालयों में ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। गढ़ परिसर स्थित भगवान गणेश का आकर्षक शृंगार किया गया। वहीं शुक्रवार को दिनभर बरसात भी हुई।

प्रदोषपूजा का महत्व बताया

डग| प्रदोषके दिन भगवान शिव की उपासना की जाती है। प्रदोष व्रत चंद्र मास के 13वें दिन त्रयोदशी पर रखा जाता है। माना जाता है कि प्रदोष के दिन भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति के पाप धूल जाते हैं। उससे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्रदोषव्रत से मिलने वाले फल: अलग-अलगवारों के अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ प्राप्त होते हैं।

{रविवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत से आयु वृद्धि तथा अच्छा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

{सोमवार के दिन त्रयोदशी पड़ने पर किया जाने वाला व्रत आरोग्य प्रदान करता है और इंसान की सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है।

{मंगलवार के दिन त्रयोदशी का प्रदोष व्रत हो तो उस दिन के व्रत को करने से रोगों से मुक्ति स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।

{बुधवार के दिन प्रदोष का वृत हो तो उपासक की सभी कामनाएं पूर्ण होती है।

{गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत पड़े तो इस दिन के व्रत के फल से शत्रुओं का विनाश होता है।

{शुक्रवार के दिन होने वाला प्रदोष व्रत सौभाग्य और दांपत्य जीवन की सुख, शांति के लिए किया जाता है।

संतान प्राप्ति की कामना हो तो {शनिवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत करना चाहिए।

अपनेउद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए जब प्रदोष व्रत किए जाते हैं तो व्रत से मिलने वाले फलों में वृद्धि होती है।

झालावाड़. झालरापाटन द्वारिकाधीश मंदिर पर सावन माह में भगवान के झूले सजाए जा रहे है। शुक्रवार को सजाई गई लालघटा में हिंडोला मनोरथ के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान को झूला झुलाया। मंदिर में महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए, जिस पर भाव-विभोर होकर श्रद्धालु नृत्य भी करने लगे।

झालावाड़. झालरापाटन स्थित चंद्रभागा नदी के तट पर स्थित चंद्रमोलेश्वर महादेव मंदिर पर फलों फूलों से शृंगार किया।

झालावाड़. झालरापाटन के पशुपतिनाथ मंदिर पर प्रदोष पर किया गया शृंगार।

डग. कार्यावर्णेंश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक करते हुए

डग. सावन मास में ब्राह्मण शिव का अनुष्ठान जाप करते हुए।

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