मालिक का पता लगाकर 7500 रुपए लौटाए
जोबनेर| एकजीप चालक ने मिले पर्स को पता लगाकर मालिक को लौटाया। जीप चालक किशनगढ़-रेनवाल निवासी सुरेश कुमार पूनिया को चार रोज पहले भंदे बालाजी जाते समय ढींढा फाटक के पास सड़क किनारे एक पर्स मिला था। इसमें सात हजार पांच सौ रुपए, रामदेव बाबा भंडारे की एक रसीद एक फोटो थी, लेकिन मालिक का कोई पता नहीं था। बाद में सुरेश ने रामदेव बाबा के भंडारा सीकर की रसीद में लिखे नंबरों पर रसीद संख्या के आधार पर रसीद कटवाने वाले व्यक्ति का नाम, पता मोबाइल नंबर पूछा तो ग्राम पंचायत डेहरा के गांव अगरपुरा निवासी हरीराम जाट का नाम पता बताया गया। मिले मोबाइल नंबर से संपर्क कर पर्स की जानकारी दी तथा पर्स में पड़ी फोटो भी उसी की होने पर शुक्रवार को कस्बे में किशनगढ़ रेनवाल पालिका उपाध्यक्ष सीताराम बासनीवाल की उपस्थिति में रुपए उसे लौटाए। मजदूरी करने वाले हरीराम ने सुरेश को इनाम देना चाहा, लेकिन सुरेश ने मना कर दिया। इसके बाद उसने पांच सौ रुपए श्री कृष्ण गोशाला में भेंट कर दिए।
ट्रैक्टरवाले तेज अावाज में बजाते हैं टेप
बोराज|क्षेत्रमें पत्थर ढोने वाले ट्रैक्टरों का आतंक इस कदर बढ़ रहा है कि पत्थरों से भरे ट्रैक्टर तेज गति में तेज आवाज के साथ लाउड स्पीकर चलाते हुए सड़कों पर दौड़ते हैं। इससे हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। बोराज, उगरियवास, देवला, झरना, केसरीसिंह पुरा, अवानिया, महलां सहित आसपास के क्षेत्र में ट्रेक्टर ट्रालियों में चालक डाले के उपर तक पत्थर भर कर तेज गति में सड़कों से निकलते हैं। इससे पत्थर उछल कर सड़क पर गिरते रहते हैं। इससे सड़क पर गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों को खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस बारे में स्थानीय लोगों ने पुलिस से कई बार पत्थरों से ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग भी की, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा मौत बन कर सड़क पर दौड़ते अवैध यमदूतों पर कोई अंकुश नहीं लगा है।