500 वर्ष पुराने जैन मंदिर की उपेक्षा
कामां. कस्बेके लाल दरवाजा स्थित लगभग 500 वर्ष पुराना जैन ओसवाल मंदिर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस ओर तो लोगों का ध्यान जा रहा है और ही देवस्थान विभाग इसकी सुध ले रहा है। मन्दिर की हालत इतनी खराब है कि मन्दिर की सेवा करने वाले पुजारी को भी मंदिर में सांस लेने में असुविधा होती है। श्वेतांबर जैन समाज का श्री चन्द्र प्रभु भगवान का यह मन्दिर सन 1552 का बताया जाता है, जिसमें दो प्रतिमाएं पद्मासन पाषाण की हैं। एक प्रतिमा अष्टधातु की है। कस्बे के सूरजबाग कॉलोनी निवासी बिजेंदर जैन उनकी धर्म पत्नी मीना जैन द्वारा मन्दिर के द्वार को कई वर्ष बाद खुलवाकर पूजा अर्चना शुरू कराई जा रही है।
कामां.श्वेतांबर जैनमन्दिर में मुंह पर कपड़ा बांधकर सेवा करता पुजारी।