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18 साल की ज्योति के शरीर से निकल रहीं सुइयां
क्या कहते हैं डाॅक्टर
पहले तेज जलन, फिर असहनीय दर्द
हैरतअंगेज
भास्कर न्यूज | मोकामा (िबहार)
मोकामाके शिवनार गांव की 18 साल की ज्योति के शरीर से सुइयां निकल रही हैं। मार्च 2011 में पहली सूई निकली थी। तब से यह सिलसिला जारी है। परिजनों ने बताया कि अब तक 20 सुइयां निकल चुकी हैं। तीन अब भी अंदर हैं। सुइयों की लंबाई चार से आठ सेंटीमीटर है। पंद्रह से बीस दिनों में एक सूई शरीर से बाहर आती है। इस दौरान उसे असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ती है। इनमें से एक सूई गले में है। दर्द के कारण अब उसका खाना-पीना भी छूट गया है। साल 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ज्योति को खुद जनता दरबार से पीएमसीएच भिजवाया था। इलाज भी चला, लेकिन परेशानी दूर नहीं हुई।
इंडोनेशिया में भी ऐसा मामला इंडोनेशियामें 40 वर्षीया शिक्षिका नूरसैय्यदा को भी 1991 से ऐसी ही समस्या है। लेकिन, उसके शरीर से सुइयां नहीं तार निकलते हैं। हालांकि, अब तक उसकी बीमारी का कोई इलाज नहीं ढूंढ़ा जा सका है।
शरीर में सूई बनना संभव नहीं है
शरीरमें सूई बनना संभव नहीं है। लगता है कि लड़की ने खुद कभी इन सुइयों को निगल ली हो या किसी तरह से ये सुइयां उसके शरीर में डाली गई हों।
डॉ.अशोक कुमार, एनीस्थीसियाविभाग, पीएमसीएच
पैसे की तंगी से नहीं हो पा रहा इलाज
ज्योति की रहस्यमय बीमारी से उसका परिवार परेशान है। पिता अशोक रविदास मजदूरी करते हैं। पैसे की तंगी से इलाज नहीं हो पा रहा है। मां उमा देवी ने कहा कि कोई उपाय नजर नहीं आता। इलाज के लिए उसे फिर पीएमसीएच रैफर किया गया है। चार बहनों और एक भाई में ज्योति दूसरे नंबर पर है। किसी प्रकार की मदद नहीं मिली, तो परिजनों ने दोबारा जनता दरबार में जाना चाहा, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया।
सूई निकलने से पहले तेज जलन होती है। फिर दर्द शुरू होता है। स्किन पर काला धब्बा हो जाता है। 5 दिनों में सूई नजर आने लगती है। 10-15 दिनों में बाहर जाती है। ये अमूमन मोटे कपड़ों की सिलाई में काम आने वाली हैं।
ज्योति और उसके शरीर से निकली सुइयां।