कनेरा में मीरा कथा का समापन
कनेरा | बीसंतीमाता मंदिर पर चल रही पांच दिवसीय नानीबाई का मायरा एवं मीरा कथा के अंतिम दिन पंडित घनश्याम वैष्णव ने भक्तिमती मीराबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कि मेड़ता के पास कुड़की गांव में जन्मी मीरा के पिता रतनसिंह माता वीरकुंवरी ने सूर्य के समान तेज आभा होने से उसका नाम मीरा रखा था। उन्होंने मीराबाई के भजन का महत्व बताया।