सफाई व्यवस्था पर उखड़े विधायक
महिला एवं बाल अस्पताल में इतनी गंदगी है कि मरीज कैसे रहते होंगे। वार्ड में हम एक घंटे नहीं रह सकते तो मरीज 24 घंटे यहां कैसे निकालते होंगे। एक दिन ठेकेदार को भी 24 घंटे इसी वार्ड में रखो। कुछ इस तरह की बात शनिवार दोपहर महिला एवं बाल चिकित्सालय में कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने निरीक्षण के दौरान कही।
अस्पताल में भर्ती अपने परीचितों की कुशलक्षेम पूछने पहुंचे विधायक जीनगर के समक्ष कुछ मरीजों ने सफाई सही नहीं होने की शिकायत की। इस पर जीनगर ने निरीक्षण करते हुए अस्पताल प्रभारी डा. हेमलता बक्षी के साथ पीएमओ डा. मधुप बक्षी को भी बुला लिया। एक बाथरूम में गंदगी को देख सफाई ठेकेदार को भी बुलाया। जीनगर ने छत पर पड़़े वेस्ट डिस्पोजल और बरामदों की नालियों में फैले पानी पर भी रोष जताया। पीएमओ बक्षी ने कहा कि सफाई ठेकेदार को पाबंद करते हुए नोटिस दिए गए हैं। विधायक जीनगर ने अफसोस जताया कि डाक्टर बक्षी को व्यस्त समय के बावजूद उनके साथ निरीक्षण करना पड रहा है। पीएमओ डा. बक्षी ने कहा कि मौजूदा ठेकेदार के कार्य छोडऩे से पुराने ठेकेदार को ही वापस कार्य सौंपा गया है। निरीक्षण के दौरान एफबीएनसी प्रभारी डा. जयसिंह मीणा भी मौजूद थे।
इतनी भीड़ और फंड नहीं, कैसे मैनेज करें
निरीक्षणके दौरान विधायक ने डाक्टरों के कार्यों के साथ एफबीएनसी की तारीफ की। विधायक के सफाई व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताने पर अस्पताल प्रभारी डा. हेमलता बक्षी ने कहा कि इस अस्पताल में हद से अधिक मरीज रहे हैं। प्रतिदिन 40-50 डिलेवरी और 200 से 300 के बीच आउटडोर होता है। नवजात शिशुओं के साथ अन्य बच्चों प्रसूति महिलाओं को 24 घंटे रखने के कारण वार्ड छोटे पड़ रहे हैं। भीड़ इतनी आती है कि हम इसे कैसे मैनेज करे। इतना फंड भी नहीं है कि और और कुछ कर सके। अब नया अस्पताल बन रहा है। इसलिए नए काम भी यहां नहीं हो सकते। डाक्टरों नर्सिंगकर्मियों के पद भी रिक्त है।