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आयंबिल तप पूर्ति महोत्सव मनाया

7 वर्ष पहले
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तप चक्रेश्वरी साध्वी अरूण प्रभा मसा के 120 दिवसीय आयंबिल तप का पूर्ति महोत्सव शनिवार को श्रद्घा उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस तप की अनुमोदना में तीन सौ श्रावक-श्राविकाओं ने तेले किए। संथारा प्रेरिका उप प्रवर्तनी सत्य साधना मसा के सानिध्य में आयोजित समारोह में कई संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उद्योगपति मीठालाल तालेड़ा चेन्नई की अध्यक्षता में जैन कांफ्रेंस के निवर्तमान अध्यक्ष अविनाश चौरिडय़ा ने तप अनुमोदना की। विशिष्ट अतिथि जैन कांफ्रेंस महिला शाखा राष्ट्रीय महामंत्री मंजूदेवी ढीलीवाल, आदर्श माता रतन देवी खाब्या, कांफ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बालचंद खरबड़, बलवंतसिंह हींगड़, मजिस्टे्रट विक्रमसिंह आदि थे।

जैन कांफ्रेंस के वरिष्ठ मार्गदर्शक सूर्यप्रकाश सिरोया ने बताया कि आयंबिल तप की अनुमोदना में 300 तेले तप किए गए। समारोह से पूर्व इन तपस्वियों की अंबेश भवन से शोभायात्रा निकली, जो ओसवाल पंचायत भवन में पहुंचकर समारोह में तब्दील हो गई। तपस्वियों का अभिनंदन बालेंद्र कुमार, सुनील कुमार कोठारी बसई चंदादेवी नाहर अहमदाबाद द्वारा किया गया। पंच तीर्थंकर जाप के कलश की बोली सुरेंद्र सुराणा भीलवाड़ा, हस्तीमल डांगी, सोसरबाई-महेंद्र चंडालिया, सुशील चपलोत, लीलाबाई डांगी द्वारा लगाई गई। पंच तीर्थंकरों के जाप से अभिमंत्रित कलश की बोली लगाई गई। तप अनुमोदना पर 30 22 उपवास की तपस्या की गई। महासती हितप्रभा मसा ने भी 22 उपवास के प्रत्याख्यान किए। दिवाकर ट्राफी प्रश्न मंच का विमोचन किया गया। महोत्सव में महासती सत्यसाधना, अरूण प्रभा, अर्हत ज्योति, तन्मया दर्शना, हर्ष प्रज्ञा, गुरु कीर्ति मसा ने तप अनुमोदना करते हुए अपनी भावाव्यक्ति की। संघ अध्यक्ष नाथूलाल पानगडिय़ा, मोहनलाल चंडालिया, नवलसिंह संजेती, सुंदरलाल सांखला, हेमंत सिरोया, राजेंद्र चंडालिया, संपतलाल खाब्या, सूर्यप्रकाश सिरोया, अनिल दुग्गड़, सुरेश बाफना, जिनेंद्र कोठारी, महेंद्र पानगड़िया, राजेंद्र सांखला, अनिल नाहर रूद्रपुर उत्तराखंड सहित नगर के सकल जैन समाज ने महोत्सव में सहयोग किया। संचालन ब्यावर से आए जैन कांफ्रेंस के प्रांतीय संगठन मंत्री महावीर बाफना ने किया। समारोह में चित्तौड़गढ़, सिंहपुर, आकोला, भूपालसागर, बड़ीसादड़ी, डूुंगला, रेलमंगरा, ब्यावर, जयपुर, राशमी, भीमगढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर, रतलाम, जाशमा, जवासिया, जीरन आदि जगह से