भगवान की बजाय खुद को ढूंढे इंसान : लक्ष्मण बापू
बड़ीसादड़ी | खोएहुए हम खुद हैं और ढूंढते भगवान को हैं। अहंकार दिखाकर किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि माफी मांग कर उसे निभाया जाए।
यह विचार लक्ष्मण बापू ने कीरतपुरा में आयोजित श्रीराम कथा में व्यक्त किए। उन्होंने यह पंक्ति जिंदगी तेरी भी अजब परिभाषा है, संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है से श्रोताओं को जीवन की हकीकत से रूबरू कराते हुए कहा कि खुशियां तकदीर में होनी चाहिए तस्वीर में तो हर कोई मुस्कुराता है। इंसान को हमेशा छोटी गलतियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए। मनुष्य पहाड़ों से नहीं, बल्कि छोटे पत्थरों से ही ठोकरें खाता हैं। कथावाचक ने कहा कि मुसीबत में मदद मांगो तो भी सोच समझ कर मांगना चाहिए। क्योंकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और अहसान जिंदगी भर का होता है। इंसान पागल और अनाड़ी है जो पाप की गठरी बांधे बैठा है जबकि साथ तो धर्म और सेवा ले जानी है, जो उसने जीवन में कमाया ही नहीं। मूलचंद परिवार ने आभार जताया।
कनेरा | कार्यक्रमके दौरान उपस्थित ग्रामीण।
गंगरार. पति-प|ीके रिश्ते विश्वास श्रद्धा के प्रतीक होते हैं। वर्तमान में परिवारों में विघटन बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण पाश्चात्य संस्कृति हावी होना है। लालच के चलते इसमें दिनों-दिन बढोत्तरी हो रही है। यह बात समता वाटिका में चल रही लोकहितकारिणी श्री राम कथा के दौरान प्रवचन में व्यास पीठ से स्वामी दिलीप दास महाराज ने सोमवार को कही। उन्होंने कहा की मानस गृहस्थ गीता राम कथा का ही चिंतन स्वरूप है एवं मानस गृहस्थ गीता का मूल उद्देश्य गृहस्थ आश्रम को पुष्ट करना है। दांपत्य जीवन का आधार श्रद्धा और विश्वास पर टिका हुआ होता है। उन्होंने कहा की समाज का प्रत्येक पति विश्वास का प्रतीक एवं प|ी श्रद्धा की प्रतीक है। जिस परिवार में पति और प|ी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ चलते हैं उस परिवार में होने वाली संतान पुरुषार्थी विवेकी होती है। उन्होंने भगवान शिव पार्वती के विवाह प्रसंग का सजीव चित्रण व्याख्या की। रामकथा का आनंद लेने के लिए विभिन्न गांवों से धर्मप्रेमी उमड़ रहे हैं। कथा प्रतिदिन सायं 7 से रात्रि 10 बजे तक आयोजित हो रही है।
कनेरा. क्षेत्रियप्रजापत समाज ने बुधवार को समाज की कुलदेवी श्रीयादे मां की जयंती पर कस्बे में शोभायात्रा निकाली। प्रजापत समाज के जिला उपाध्यक्ष डाॅ. राजू प्रजापत जिला संगठन मंत्री माधव प्रजापत ने बताया की झंवरों की मंडी स्थित समाज के मंदिर पर श्रीयादे मां की पूजा कर झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पर आई। शोभायात्रा में प्रजापत नवयुक मंडल के अध्यक्ष अरविंद प्रजापत, रतनलाल प्रजापत, गोपाल प्रजापत, गणपत प्रजापत मौजूद थे।
कपासन.नगरमें प्रजापत समाज की ओर से समाज की कुल देवी श्रीयादे मां का जन्मोत्सव पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा पंचायती नोहरे से शुरू हुई। जो विविध मार्गों से वापस समाज के पंचायती नोहरे पर संपन्न हुई। जहां महाप्रशाद का वितरण हुआ। इससे पूर्व रात्री में भजन संध्या रात्रि जागरण का कार्यक्रम हुआ। प्रजापत समाज के श्री श्रीयादे मां नवयुवक मंडल के सदस्यों ने सहयोग रहा।