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महिलाओं-बच्चों को जांचा, परिजनों को देखभाल करने के तरीके बताए
मातृऔर शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से चिकित्सा विभाग द्वारा इन दिनों शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
शिविरों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच करने के साथ परिजनों को अच्छी देखभाल के चिकित्साकर्मियों द्वारा समझाया जा रहा है। साथ ही जरूरत होने पर महिला रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए समझाया जा रहा है। इसी क्रम में सिलोर उपस्वास्थ्य केंद्र ने करजूना गांव में शिविर लगाया। इसमें 14 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। शिविर में बुखार के रोगियों की ब्लड स्लाइड ली। इस दौरान जांच में अतिकुपोषित बच्चा सामने आया, जिसमे बूंदी एमटीसी सेंटर के लिए रैफर किया गया। शिविर में डॉ. धनराज मीणा, डॉ. रंजीता दाधीच, एलएचवी बबीता भटनागर, सूचना सहायक यमन खंडेलवाल, एएनएम पारस, लेब टेक्नीशियन पवन धाबाई सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएं दी।
झालीजीका बराना. करवालाकी झोंपड़िया गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में शिविर लगाया।
डॉ. योगेश श्रीवास्तव ने 11 गर्भवती महिलाओं सहित बच्चों की जांच की। इस दौरान तीन हाइरिस्क प्रसूताएं सामने आई, जिनमें से दो प्रसूताओं को कापरेन रैफर किया गया। बच्चों की जांच में एक कुपोषित एक अतिकुपोषित बच्चा मिला, जिन्हें एमटीसी कापरेन रैफर किया। शिविर में एलएचवी ममता शर्मा, एलटी लोकेशसिंह, आशा सुपरवाइजर बनवारीलाल मीणा, एएनएम निरा सिबिल सुवेन, आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थी। बाद में गांव में छह स्थानों पर गड्ढों में मच्छरनाशक दवा पांच टंकियों में टेमीफोस डाला गया।
बूंदीका गोठड़ा. छाबड़ियोंका नयागांव के राजीव गांधी सेवा केंद्र में शिविर लगा। इसमें चिकित्सा प्रभारी डाॅ. बनवारीलाल मीणा, डाॅ. प्रीति चौहान ने 14 प्रसूताओं के स्वास्थ्य का परीक्षण कर परामर्श दिया। एमपीडब्यू श्रवणकुमार पांचाल ने बताया कि शिविर में 4 हाइरिस्क गर्भवती महिलाओं का उपचार कर परामर्श दिया। साथ ही अतिकुपोषित बच्चों की जांच की। हाइरिस्क वाली महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी गई।
लाखेरी.शहरके वार्ड चार और पांच में चिकित्सा विभाग ने शिविर लगाया। इसमें सीएचसी प्रभारी डॉ. सुनीता दुआ सहित चिकित्साकर्मियों ने 17 प्रसूताओं की जांच की। इनमें आठ हाइरिस्क प्रसूताएं शामिल थी। शिविर में प्रसूताओं और बच्चों का टीकाकरण किया।
डॉ. दुआ ने बताया कि शिविर में उन प्रसूताओं को