लागू हो विशेष शिशु सुरक्षा योजना
एसी खराब, वार्मरों का टोटा, कैसे होगी नवजातों की देखभाल
स्क्रब टाइफस के 13 रोगी सामने आए, सर्वे जारी
जिलेमें स्क्रब टाइफस के मरीजों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इससे पहले 23 सितंबर तक नौ सामने चुके थे। इनमें से एक की महीनाभर पहले मौत हो चुकी है। बढ़ते प्रकोप के चलते चिकित्सा विभाग भी अलर्ट है। सर्वे कर इसके संदिग्धों का सैंपल लेकर कोटा सेंट्रल लैब भेज रहा है।
स्क्रब टाइफस ने करीब जिले में करीब डेढ़ माह से पैर पसारना शुरू किया है। यह बीमारी खासकर ग्रामीण क्षेत्र में अधिक फैल रही है। शहर में अभी इसका कोई रोगी सामने नहीं आया है। सीएमएचओ डॉ.जेपी मीणा ने बताया कि गत माह चिकित्सा विभाग ने स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए जिले के सभी ब्लॉक सीएमएचओ को निर्देश देकर घर-घर सर्वे करने को कहा था। यह कार्य तेजी से चल रहा है।
नैनवां.सामुदायिकअस्पताल में अब तक स्क्रब टाइफस का रोगी नहीं आया है। यहां टैबलेट है, लेकिन जांच की सुविधा नहीं है। प्रभारी डॉ. समंदरलाल मीणा ने बताया कि रोगी नहीं आया है। यदि आएगा तो लक्ष्ण देखकर एजीथ्रोमाइसिन टेबलेट एंटीबायटिक दी जाएगी। जांच की सुविधा नहीं होने से बाहर रैफर करेंगे। अलग से वार्ड नहीं बनाया है।
कापरेन.रोटेदाकी स्क्रब टाइफस बीमारी से जानकी बाई (55)प|ी मोहन धाकड़ की 25 सितंबर को मौत होने और इससे पहले इसी कस्बे में रामप्रसाद कुशवाह (45) के स्क्रब टाइफस रोग मिलने के बाद चिकित्सा विभाग हरकत में आया।
विभाग ने नियमित सर्वे और दवा वितरण कराई। 17 सितंबर को रामप्रसाद ने एमबीएस में जांच कराने पर स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई और और उसका इलाज चल रहा है। प्रभारी डॉ. राजेश मीणा ने बताया कि बीमारी से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयां हैं। अलग से वार्ड की व्यवस्था नहीं है। बीसीएचओ डॉ. एमएल मीणा ने सरपंच को गांव में सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र पर दो साल से एएनएम का पद खाली है।
बूंदी। जनाना अस्पताल में सुविधा आधारित नवजात शिशु देखभाल इकाई।