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अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, मरीजों की लगी भीड़
शहरके सामुदायिक अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते यहां आने वाले रोगियों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों सर्दी, जुकाम, वायरल, खांसी, अस्थमा के रोजाना 450 से 550 रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इससे अस्पताल में दवा केंद्र रजिस्ट्रेशन रूम के सामने रोगियों की कतारें लगी रहती है।
मरीजों की संख्या ज्यादा होने और यहां पहुंचने वाले रोगियों के अनुपात में डॉक्टरों की संख्या कम होने से अस्पताल में रोगियों को इलाज के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। भाजपा मंडल अध्यक्ष लोकेश बागड़ा, गिरिराज खींची, डूंगरसिंह राजावत, पूर्व चेयरमैन राजेंद्र पाटनी, विष्णु शृंगी ने बताया कि जिला मुख्यालय के बाद जिले का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद यहां लंबे समय से चिकित्सकों के नए पद स्वीकृत नहीं हो पाए है। हीं पलंगों की संख्या बढ़ी है। जबकि अस्पताल का क्षेत्र एवं आबादी काफी बढ़ गई है। अस्पताल से करीब सौ गांवों का जुड़ाव होने यहां प्रतिदिन आउट डोर में पांच से छह सौ रोगी और मेगा हाइवे से जुड़ने के बाद तो अस्पताल में आए दिन दुर्घटनाग्रस्त रोगी आते हैं। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, कुपोषण केंद्र, ब्लड बैंक, एक्सरे आदि सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद यहां चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाॅफ की कमी से रोगियों को परेशानी होती है। (शेष...पेज-12 पर)
^खानपानमें सावधानी बरते। रात को बचा हुआ खाना एवं ठंडे पेय पदार्थ से दूर रहे। मौसम परिवर्तन के चलते रोगियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध है और पूरा उपचार किया जा रहा है।
-डॉ. राजेश मीणा, चिकित्सालयप्रभारी
कापरेन। दवा केंद्र पर दवा लेने के लिए लगी रोगियों की कतार।