100 घरों का सर्वे, बांटी दवाइयां
जिले में बढ़ा स्क्रब टाइफस, एक की हो चुकी मौत
लाल चकत्ता होते ही डॉक्टर को दिखाएं
सीसोलापंचायत मुख्यालय पर स्क्रब टाइफस रोगी सामने आने पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग हरकत में गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम सीसोला पहुंची और रोगी के मकान के आसपास के करीब सौ घरों का सर्वे शुरू किया।
सीसोला निवासी नरोत्तम शर्मा (42) को कुछ दिन पूर्व बुखार हुआ था। पीएचसी में उपचार के बाद भी नहीं ठीक हुई, तो वह कोटा चेकअप करवाने पहुंचे। दो दिन निजी अस्पताल में उपचार करवाया, लेकिन आराम नहीं मिला। नरोत्तम ने बताया कि उसके बाद भारत विकास परिषद चिकित्सालय में जांचें हुई, तो स्क्रब टाइफस होने की जानकारी मिली। उधर, ज्योंही इस रोगी के स्क्रब टाइफस से पीड़ित होने की जानकारी मंगलवार को मिली, तो पीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष व्यास, एमपीडब्ल्यू रामबिलास किराड़ एवं आयुष कंपाउंडर रामप्रसाद चौधरी सीसोला पहुंचे। सीसोला सब सेंटर के मेल नर्स प्रकाशनारायण शर्मा एवं एएनएम सुषमा शर्मा को साथ लेकर एहतियात के तौर पर कार्रवाई शुरू की।
स्वास्थ्यविभाग ने यह की कार्रवाई
चिकित्साअधिकारी प्रभारी डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि स्क्रब टाइफस के रोगी की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम द्वारा मंगलवार को रोगी के घर पर मौजूद परिजनों को एजीथ्रोमाइसिन, पीसीएम, क्लोरोक्वीन की गोलियां दी गई एवं ब्लड स्लाइड ली। साथ ही घर एवं घर के आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया। टीम द्वारा रोगी के घर के आसपास सौ घरों का सर्वे कर लोगों को दवा दी एवं ब्लड स्लाइड लेने सहित 50 घरों में पायरोथ्रम का स्प्रे एवं आबादी के आसपास जहां गंदा पानी जमा नजर आया, वहां क्रूड ऑयल डलवाया गया है। आबादी एवं घरों के आसपास उगे बबूलों को साफ करवाने, रेवड़ियों के ढेर को हटवाने के लिए लोगों को प्रेरित भी किया एवं ग्राम पंचायत को पत्र लिखकर अवगत कराया। डॉ. व्यास ने बताया कि गांव में इस प्रकार का अन्य कोई रोगी सामने नहीं आया है।
^जिले में इस साल स्क्रब टाइफस बीमारी के रोगी बढ़ रहे हैं। इसके रोकथाम के लिए जिले के ब्लॉक सीएमएचओ को अलर्ट कर दिया है। दवाइयों की कोई कमी नहीं है। अब तक जिले में 8 मरीज इस बीमारी के सामने आए हैं। इनमें से मुश्ताक की मौत हो चुकी है।- डॉ.जेपी मीणा, सीएमएचओबूंदी
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ये मिले इस बीमारी के