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एक साल से जर्जर सामुदायिक भवन में चल रही उपतहसील
जमीनआवंटन नहीं होने से उपतहसील एक साल से नगर पालिका के क्षतिग्रस्त सामुदायिक भवन में चल रही है। भवन में कमरों का फर्श जगह-जगह से धंसा हुआ है।
उपतहसील भवन के लिए पौने दो करोड़ का बजट स्वीकृत होने और वर्क आर्डर जारी होने के बावजूद काम अटका हुआ है। लोगों की मांग पर सरकार ने 2013 में यहां उपतहसील तो स्वीकृत कर दी, लेकिन स्वयं के भवन के अभाव में इसे 2 सितंबर 2013 से नगर पालिका के सामुदायिक भवन में संचालित कर रखा है।
तहसील भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपए भी स्वीकृत है, लेकिन जगह के अभाव में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते सामुदायिक भवन में चल रही उपतहसील में पर्याप्त जगह नहीं होने से यहां आने वाले लोगों कर्मचारियों को परेशान होना पड़ रहा है। यहां एक हॉल उपतहसील और एक छोटा कमरा नायब तहसीलदार के कार्यालय के रूप में काम रहा है। जगह कम होने से लोगों कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उपतहसील के उद्घाटन अवसर पर तत्कालीन विधायक सीएल प्रेमी ने जल्द ही जगह उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। उसके बाद नगर पालिका एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर के मुक्तिधाम के पास जगह भी चिन्हित की थी, लेकिन बाद में पर्याप्त जगह नहीं होने से चिन्हित जगह को निरस्त कर नई जगह की मांग की गई।
स्टाफ की भी कमी
उपतहसीलस्वीकृत होने के साथ ही यहां एक नायब तहसीलदार सहित एक यूडीसी, दो एलडीसी, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद स्वीकृत है। लेकिन, वर्तमान में नायब तहसीलदार, एक यूडीसी, एक एलडीसी का पद रिक्त चल रहा है।
^नगरपालिका की पूर्व चिन्हित जगह पर्याप्त नहीं होने से संबंधित निर्माण एजेंसी ने भवन निर्माण करने से मना कर दिया है। बाद में सीएडी परिसर में जगह चिन्हित कर प्रपोजल तैयार कर सीएडी कमिश्नर को भेजा जा चुका है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली है।- धनराजशर्मा, तहसीलदारकेशवरायपाटन
पांच बीघा जमीन का भेजा था प्रस्ताव
कापरेन। क्षतिग्रस्त सामुदायिक भवन का धंसा फर्श।