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कापरेन में नहीं आया खाद, किसानों ने किया हंगामा

7 वर्ष पहले
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खादनहीं आने से किसानों ने नाराज किसानों ने शनिवार को मार्केटिंग सोसायटी के सामने जमकर हंगामा किया। इसके चलते कार्यालय के गेट भी नहीं खुले। शनिवार सुबह 10 बजे तक भी खाद नहीं पहुंचा तो किसान व्यवस्थापक बीएल नामा के पास पहुंचे और शुक्रवार को वितरित नहीं हुए 180 कट्टे यूरिया खाद का वितरण करने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। व्यवस्था बिगड़ती देख कार्यालय के गेट नहीं खोले गए। किसानों का कहना है कि गोदाम में रखे 180 कट्टों का वितरण किया जाए। व्यवस्थापक का कहना है कि 500 किसानों के लिए 180 कट्टे का वितरण संभव नहीं है।

कुछ देर में किसानों में धक्का-मुक्की होने लगी तो व्यवस्थापक ने गेट नहीं खुले और दूर जाकर बैठ गए। किसान शाम तक सोसायटी के आसपास बैठे रहे। यूरिया खाद के लिए क्षेत्र के किसान रोजाना सोसायटी के चक्कर काट रहे हैं। सुबह आते हैं और शाम को वापस निराश होकर लौट जाते है।

आजकरेंगे चक्काजाम

क्षेत्रमें यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने, व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता एवं किसान कोटा-दौसा मेगा हाईवे बाइपास तिराहे पर चक्काजाम करेंगे। किसानों कांग्रेस कार्यकर्ता शनिवार को इकट्ठे होकर थाने पर पहुंचे और थानाधिकारी को ज्ञापन देकर चक्काजाम से अवगत कराया। ज्ञापन में लिखा है कि प्रशासन ने तीन दिन का आश्वासन दिया था, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी। ऐसे में रविवार को क्षेत्र के सभी किसान कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 12 हाइवे पर चक्काजाम करेंगे।

डीलरोंके यहां चक्कर काट रहे किसान: केशवरायपाटन. खादकी किल्लत से परेशान किसान सुबह से ही खाद डीलरों के यहां चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। शनिवार को उपखंड मुख्यालय पर आए मात्र एक ट्रक खाद को लेने के लिए सुबह छह बजे ही किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। आवश्यकता से कम खाद आने से सर्दी के मौसम में सुबह ही अपने घरों से आए कई किसान सरकार प्रशासन को कोसते हुए बैरंग घरों को लोट गए। खाद नहीं मिलने से परेशान किसान जसवीर सिंह, ओमप्रकाश भूतिया, ब्रह्मानंद मीणा, सत्यनारायण नागर ने कहा कि गेहूं की फसल में पहली सिंचाई कर दी और अब खाद के लिए इधर-उधर फिरना पड़ रहा है। फसल के लिए 100 बेग की आवश्यकता है और लाइन में घंटों लगने के बाद मात्र तीन बेग मिल रहे है जिससे समस्या कम होने का नाम ही नहीं ले रही है