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सूखने लगीं फसलें, नहरों में छोड़ा जाए पानी
मौसमकी मार के चलते क्षेत्र में जहां सोयाबीन, उड़द, तिल्ली की फसल को लेकर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और दो से तीन बार बुवाई करनी पड़ी। वहीं अब जिन किसानों की फसल बची थी उसको भी आखिर पानी नहीं मिलने से खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल पकने से पहले ही सूखने लगी है। इससे किसानों को गहरा नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन से बार-बार मांग करने के बावजूद नहरों में जलप्रवाह शुरू नहीं हो पाया है। जबकि इस समय सोयाबीन में कहीं जगह फलियों में दाना पड़ चुका है, तो कई जगहों पर दाना फूलने की स्थिति है। फसलों को अंतिम पानी की सख्त आवश्यकता है। किसानों का कहना है कि यदि दस दिन बाद भी जल प्रवाह किया जाता है तो उसका उपयोग सोयाबीन के लिए नहीं हो पाएगा। तब तक फसलें या तो पक चुकी होगी या सूख जाएगी। किसानों ने प्रशासन से अतिशीघ्र नहरों में जल प्रवाह शुरू करने की मांग की है।
पानी के अभाव में सूखी सोयाबीन की फसल।