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स्वाइन फ्लू से निपटने के इंतजाम नहीं

6 वर्ष पहले
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नैनवा में आज और कल भी िपलाई जाएगी दवा

नैनवां.आयुर्वेदिकअस्पताल की ओर से स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए दूसरे दिन सोमवार की हर्षल काढा पिलाया गया। इसे पीने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. रणजीत सिंह ने बताया कि काढा हर्षल औषधियों नीम गिलोय, वासापत्र, तुलसी, महासुदर्शन, चुर्ण, दशमूल क्वाथ, गोजिव्यादि क्वाथ, महारास्वादि क्वाथ, लोंग, काली मिर्च, अदरक, गुड हल्दी के मिश्रण से तैयार किया जाता है। दूसरे दिन करीब 5000 लोगों ने काढा पिया। इसमें निजी सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी शामिल है। मंगलवार बुधवार को भी काढा पिलाया जाएगा।

अलोदमें स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पिलाया काढ़ा

अलोद.कस्बेके आयुर्वेदिक चिकित्सालय में सोमवार को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लोगों का काढ़ा पिलाया गया। काढ़ा पीने के लिए सुबह से ही ग्रामीणों, स्कूली बच्चों की भीड़ लगी रही। प्रभारी डॉ. मनोज सुमन ने बताया कि करीब तीन हजार लोगों का काढ़ा पिलाया गया। इसके बाद सीनियर सैकंडरी स्कूल, बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल, मां भारती स्कूल में विद्यार्थियों को काढ़ा पिलाया तथा स्वाइन फ्लू रोग के लक्षण बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. सुमन ने बताया कि 11 फरवरी को अलोद पंचायत में आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया जाएगा।

कापरेनमें स्वाइन फ्लू रोगी मिलने के बाद सर्वे करवाया

कापरेन.कस्बेमें रविवार को एक महिला स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने के बाद से ही चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है। कापरेन ब्लॉक अधिकारी डॉ. घनश्याम मीणा ने बताया कि सोमवार को भी चिकित्सा विभाग की ओर से दो टीमें गठित कर डोर-टू-डोर सर्वे कराने के निर्देश दिए जा चुके है। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश मीणा ने बताया कि सोमवार से को डोर-टू-डोर सर्वे करवाया जा रहा है। स्टेशन बालापुरा में 238 घरों का सर्वे कर केटेगरी के सामान्य मरीजों काे खांसी-जुकाम की दवा दी गई।

स्वाइनफ्लू नियंत्रण कक्षा स्थापित करने की मांग

शहरवासियोंने चिकित्सा विभाग से स्वाइन फ्लू के बढ़ते रोगियों को देखते हुए स्थानीय अस्पताल में स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष स्थापित करने की मांग की है। मांग करने वालों में पार्षद अम्बरीश व्यास, जितेंद्र पापडीवाल , योगेश मीणा सहित शहरवासी शामिल थे। उधर, आयुर्वेदिक विभाग की ओर से शहर में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए काढा पिलाया गया। आमजनता को काढ़ा पिलाया तथा स्वाइन फ्लू रोग के लक्षण बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बांसी। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए काढ़ा पिलाते हुए।

भास्कर न्यूज। बंूदी

स्वाइनफ्लू की रोकथाम को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे दावे जिले में खोखले नजर रहे है। स्वाइन फ्लू बीमारी के लक्षण वाले सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल समेत जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे है,लेकिन इन अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के लिए वैक्सीन जांच सुविधा तक नहीं है। ऐसे में इसके संदिग्ध मरीजों को अपना इलाज अन्य अस्पतालों या फिर कोटा जाकर करवाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में बना आइसोलेशन वार्ड में भी जान बचाने के लिए पर्याप्त साधन-संसाधन नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीज को भर्ती करने से बेहतर उसे अस्पताल प्रबंधन सीधे ही कोटा जाने की सलाह देता है। जिला अस्पताल में डॉ. भी मरीजों का सैंपल वीटीएम (सैंपल किट) कम होने से गंभीर मरीजों के ही सैंपल लिए जा रहे है।

जिले में गत माह से ही स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अब तक दो जनों की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य जने पॉजीटिव चुके है। इसके बावजूद सरकार की ओर से यहां इसकी रोकथाम वाली वैक्सीन नहीं है। इसके उपचार के नाम पर मात्र टेमीफ्लू टेबलेट दी जा रही है।

दुगनाहुआ आउटडोर

जिलाअस्पताल का इन दिनों सामान्य दिनों के मुकाबले दुगना हो गया है। सामान्य दिनों मेंं आउटडोर करीब सात सौ से आठ सौ रहता है। सोमवार को यह करीब 1500 का आउटडोर रहा।

आधेमरीज स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले थे

जिलाअस्पताल में सोमवार को आए मरीजों में करीब 50 फीसदी तो खांसी-जुकाम, उल्टी,दस्त बुखार के थे। जो कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों में शामिल है। इसके बावजूद सैंपल गंभीर मरीजों के ही लिए जा रहे हैं।

लोगों में डर बना हुआ है।

येहंै स्वाइन फ्लू के लक्षण

लंबेसमय तक खांसी-जुकाम रहना, सांस लेने में परेशानी आना, बुखार, सीने में दर्द होना स्वाइन फ्लू के लक्षण है। ऐसे लक्षणों वाले व्यक्ति को शीघ्र उपचार करवाना चाहिए।

येहै बचाव के तरीके

-खांसते या छींकते समय अपने मुंह नाक को रुमाल या टिशू से ढके नींद अधिक ले।

-अपनी नाक,आंख या मुंह को छूने के बाद अौर पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं साफ कपड़े से हाथों को साफ करे।

-खांसी, बहती नाक,छींक बुखार जैसे फ्लू के लक्षणों से प्रभावित लोगों से दूरी रखें।

-पानी खूब पीये पोषक भोजन खाएं।

- स्वाइन फ्लू के लक्षण पाने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।

- हाथ मिलाने गले मिलने से बचें।

- काम में लिए गए टिशू रुमाल को खुले में नहीं डाले।

- स्वाइन फ्लू प्रभावित स्थान पर फेस मास्क लगाकर रहें।

- घर में आसपास गंदगी ना होने दें।

- भीड़ वाले स्थान पर जाने से बचें।

वर्जन

सैंपललेने के लिए एक दर्जन वीटीएम

^यहांसैंपल लेने के लिए एक दर्जन वीटीएम है। सोमवार को भी दो जने के सैंपल लेकर कोटा जांच के लिए भेजे है। इनमें से प्रतीक (25) का तो रिपिट किया है। वहीं एक जिला अस्पताल के एनेस्थिसिया डॉ. शरद कुमार सिंहल का भी सैंपल जांच के लिए कोटा भेजा है। वैसे इस बीमारी से संबंधित जितनी सामग्री आगे से मिल रही है। उससे अधिक से अधिक मरीजों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ.अनिल जांगिड़, नोडलअधिकारी, स्वाइन फ्लू, जिला अस्पताल बंूदी

कलपिलाएंगे दवा

बूंदी.श्रीआढ़तिया संघ रोटरी क्लब की ओर से 13 फरवरी को सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक कृषि उपज मंडी में श्री आढ़तिया संघ कार्यालय के बाहर नि:शुल्क स्वाइन फ्लू प्रतिरोधक दवा पिलाई जाएगी। यह जानकारी संघ सचिव पदम कुमार जैन ने दी।

12तक पिलाएंगे काढ़ा

बालचंदपाड़ास्थित राजकीय आयुर्वेद श्रेणी चिकित्सालय में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सोमवार को औषधीय काढ़ा पिलाने का कार्यक्रम शुरू हुआ, जो 12 फरवरी तक चलेगा। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी कृष्णानंद शर्मा ने बताया कि सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 4 से 6 बजे तक लोगों को काढ़ा पिलाया जाएगा।



बांसीमें काढ़ा पिलाया

बांसी.कस्बेमें सोमवार को आयुर्वेदिक चिकित्सालय की ओर से करीब 5500 लोगाें को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए काढा पिलाया। इसमें सरकारी निजी स्कूलों के बच्चों सहित ग्रामीण आदि शामिल थे। इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष रतनलाल जैन, पूर्व चिकित्सा प्रभारी गौतमप्रकाश गौतम मौजूद थे। यह जानकारी आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रभारी डॉ. रामकैलाश मीणा, कम्पांडर सत्यनारायण आचार्य ने दी।