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कापरेन शहर में माेर्चरी के अभाव में अस्पताल में रखने पड़ रहे शव
शहरके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जुड़ाव क्षेत्र के 50 गांवों मेगा हाईवे होने के बावजूद यहां मोर्चरी (मुर्दाघर) नहीं होने से शव को सुरक्षित रखने पोस्टमार्टम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहरवासियों ने नगर पालिका एवं चिकित्सा विभाग से अस्पताल के समीप मोर्चरी का निर्माण कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार शहर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिले में दूसरा स्थान रखता है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से मृत्यु होने के बाद अस्पताल में पहंुच रहे शवों को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल परिसर में रखना पड़ता है।
वहीं पोस्टमार्टम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है या फिर श्मशाम पर खुले में पोस्टमार्टम करना पड़ रहा है। इससे मृतकों के परिजनों, पुलिस प्रशासन एवं अस्पताल स्टाफ को भी दिक्कत होती है। लोगों आएदिन परेशान होते हैं। शहरवासियों का कहना है कि दुर्घटनाओं में दर्दनाक मौत हो जाने के बाद भी मृतकों के शवों को सुरक्षित जगह नसीब नहीं होती, जो एक विडंबना ही है।
कमरे-गैराजमें रखते शव
देरशाम को घटित घटना के बाद शवों को अस्पताल के ही किसी कमरे, गेराज या अन्य जगह रखा जाता है, जिससे रात के समय रहने वाले नर्सिंगकर्मी, रोगियों को परेशानी उठानी पड़ती है। शहरवासियों ने नगर पालिका, चिकित्सा विभाग से जगह आवंटित कर मोर्चरी निर्माण करवाने की मांग की है।
समस्यापर ध्यान नहीं
शहरवासीमनोज शर्मा, योगेश मीणा, अशफाक नियाजी, अंबरीश गौड़ ने कहा कि अस्पताल में मोर्चरी की मांग लंबे समय से चली रही है। प्रशासन जनप्रतिनिधियों को भी समस्या बताई, लेकिन मोर्चरी बनाने को लेकर किसी ने गंभीरता नहीं बरती।
^अस्पताल के मेगा हाईवे से जुड़ने और दुर्घटनाएं बढ़ने से यहां मोर्चरी की आवश्यकता बढ़ गई है। इसके लिए पूर्व भी जगह चिन्हित करने के प्रयास किए गए थे। फिर से बोर्ड में विचार कर जगह के लिए प्रयास किए जाएंगे।
नंदकिशोरमेघवाल, चेयरमैननगर पालिका कापरेन
^क्षेत्र का बड़ा अस्पताल होने से यहां मोर्चरी की आवश्यकता है। अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। मोर्चरी के अभाव में शव अस्पताल में रखने या कोटा भेजने पड़ते हैं।
दिग्विजयसिंह,थानाधिकारीकापरेन
^मोर्चरी के लिए जगह उपलब्ध करवाने को लेकर नगर पालिका को पत्र भेजा गया है। अभी तक जगह चिन्हित नहीं हो पाई है।
राजेशमीणा, अस्पतालप्रभारी कापरेन
कापरेन। शहर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां पोस्टमार्टम रूम नहीं है।