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अहंकार से नष्ट होता है जीवन: घनश्यामदास

6 वर्ष पहले
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कापरेन| पंचमुखीबालाजी मंदिर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान कथा वाचक स्वामी घनश्यामदास महाराज ने कहा कि संस्कार से संसार को जीता जा सकता है। वहीं अहंकार करने से जीवन नष्ट हो जाता है। संस्कारों को अपने जीवन में अपना कर व्यक्ति अपने साथ अपने परिवर और समाज का भी कल्याण करता है। रामकथा श्रवण करने से सभी संस्कार प्राप्त होते हैं। व्यक्ति को अहंकार का त्याग कर जगत के कल्याण में लगे रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने जीवन में सभी कर्त्तव्य दायित्व आदर्श के साथ पूरे किए। सर्व गुण संपन्न होने पर भी अहंकार के कारण रावण का विनाश हुआ।