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मातमी धुनों के साथ निकले ताजिये

7 वर्ष पहले
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हजरतइमाम हुसैन की याद में रविवार को रोटेदा कस्बे में मुस्लिम समाज की ओर से चालीसवें पर ताजिये का जुलूस निकाला गया। जुलूस मातमी धुनों के साथ जौहर की नमाज के बाद बड़ी मस्जिद से रवाना हुआ, जो कस्बे के मुख्य बाजार, चौराहों से होता हुआ शाम को करबला पहुंचा।

जुलूस में युवा, बुजुर्ग या अली या हुसैन के नारे लगाते मातमी धुन बजाते हुए चल रहे थे। बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र से मुस्लिम समाजबंधु जुलूस में शामिल हुए। ताजियों पर जगह-जगह फूल चढ़ाए और इबादत की गई। उस्ताद अलानूर चौहान, अलानूर नौसरानी के सानिध्य में अखाड़े निकाले गए। युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर सभी को रोमांचित कर दिया। इस मौके पर जगह-जगह छबीलें लगाकर शरबत, पानी, हलवा आदि बांटा गया।

जुलूस में हाजी बाबा इमामुद्दीन, हाजी रमजानी, सदर आरिफ हुसैन आरबी, अनवर गौरी, चांद मोहम्मद आदि शामिल थे। वहीं कापरेन से सदर इमामुद्दीन, हाफिज मुजफ्फर हुसैन, मंजूर अली, अशफाक नियाजी, इनायत हुसैन आदि शामिल हुए, जिनका स्वागत किया गया। जुलूस शाम को करबला मैदान पहुंचा जहां से चंबल नदी में ताजिये को ठंडा किया गया।

इससे पहले शनिवार रात को भी बड़ी मस्जिद से ताजिये का जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिस, प्रशासन मुस्तैद रहा।

लाखेरी.शहरमें हजरत इमाम हुसैन हसन की शहादत में 40वें के मोहर्रम उत्साह के साथ निकाले गए। शनिवार को कत्ल की रात मनाई गई। रविवार को दोपहर बाद गरमपुरा टेनिस कोर्ट एवं सांईजी का तकिया से मातमी धुनों के साथ मोहर्रम का जुलूस शुरू हुआ। ढोल, ताशों के साथ शुरू हुए जुलूस में युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया।

जुलूस नयापुरा, चुंगीनाका, गांधीपुरा होते हुए रामधन चौराहा पहुंचा। मोहर्रम के अवसर पर मुख्य मार्ग में अलग-अलग सगठनों ने छबीलें लगाकर खीर, हलवा बांटा।

अलोद.मातमीधुनों पर चालीसवें के ताजिये निकाले गए। जुलूस इमाम चौक से शुरू हुआ जो चौमुखा बाजार, मुख्य बाजार, तेजाजी चौक होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा, जहां पर ताजियों को ठंडा किया गया। मार्ग में युवाओं द्वारा छबीलें लगाई गई। जुलूस में युवाओं ने हैरतअंगेज करतब, लाग का प्रदर्शन किया। जुलूस में अलोद, डाबला, बड़ौदिया के अखाड़ेबाज शामिल हुए। वहीं गोठड़ा, धोवड़ा, बालापुरा, बड़ौदिया, दांता, डाबला, ढगारिया के समाजबंधु यहां पहुंचे। जुलूस में संयोजक लुकमान हकीम, एशान अली,