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करौली में सीसी टीवी कैमरे लगे, ना ही जीपीएस सिस्टम
जिलेभरमें लगातार बढ़ रही चोरियों, मारपीट जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने लगभग एक वर्ष पूर्व शहर के प्रमुख चौराहों ना ही अभी तक कैमरों से निगाह रखी जा रही है और ना ही पुलिस की गाड़ियों में अभी तक जीपीएस सिस्टम लग पाए है।
लगभग एक वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय पर लगातार बढ़ रहे वाहन चोरियों, मारपीट, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ सहित कई गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने शहर के प्रमुख चौराहों पर सीसी टीवी कैमरे लगवाने का आश्वासन दिया था। वहीं पुलिस की गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगवाने की बात भी कही। ताकि पुलिस अधीक्षक स्वयं पुलिस शहर में अपराधों की मॉनिटरिंग कर सके लेकिन सालभर निकल जाने के बाद भी ना की किसी चौराहे पर अभी तक कोई सीसी टीवी कैमरा लगा है और ना ही पुलिस की गाड़ियों में कोई जीपीएस सिस्टम लगाया गया है।
अपराधोंपर लग सकती थी लगाम
जिलामुख्यालय पर रहने वाले भानुप्रताप उर्फ बटरु गुर्जर, मधुसूदन चरौरा, कैलाप्रसाद माली, ऋषि शर्मा, लोकेश मीणा, रवि गुप्ता आदि ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने शहर में अपराधों पर अंकुश लगाने शहर में पुलिस गश्त की व्यवस्था पर स्वयं नजर रखने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर भीड़भाड वाले इलाकों पर सीसी टीवी कैमरे लगाने का जिले वासियों को आश्वासन दिया था लेकिन पूरा साल भर निकल जाने के बाद भी ना तो अपराधों के ग्राफ में कोई कमी आई है और ना ही किसी चौराहे पर कोई सीसी टीवी कैमरा लगा है। इसके चलते पुलिस से लोगों का विश्वास उठता जा रहा है। अगर सीसी टीवी कैमरे लग जाते तो शायद अपराधों के ग्राफ में कमी सकती थी।
धरीरह गई कार्य योजना
पुलिसअधीक्षक ने विभिन्न थानों की पुलिस की व्यवस्था को ध्यान में रहते हुए जिलेभर से कुछ थानों को चिन्हित किया और पुलिस वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने की भी कार्ययोजना तैयार की, जिससे पुलिस की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकती थी लेकिन यह कार्ययोजना भी आज तक बस्ते में रखी हुई है।
राज्यस्तर पर चल रहा है विचार
पुलिसअधीक्षक योगेश यादव ने बताया कि कैमरे जीपीएस सिस्टम के लिए उपयोग में आने वाले संसाधन मंहगे अधिक है। इतना बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। हालांकि राज्य स्तर पर इस मामले पर विचार विमर्श किया जा रहा है और हो सकता है और शीघ्र ही पुलिस मुख्यालय के माध्यम से बजट उपलब्ध हो सके।