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डिकोली के गांवों में टाइगर का खौफ

6 वर्ष पहले
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चैनपुर बर्रिया के बाद अब ग्राम पंचायत डिकोली के गांवों में टाइगर के विचरण करने की सूचना से ग्रामीणों ने भय के चलते घरों से निकलना बंद कर दिया है।

डिकोली, थूमा, शुक्रवार रात उनके खेतों में टाइगर के दहाड़ने की गूंज सुनाई देने के साथ उसको विचरण करते हुए देखा गया था।

क्षेत्र में टाइगर के देखे जाने की सूचना पर ग्रामीण लाठी एवं टार्च लेकर टाइगर की तलाश में निकल गए लेकिन वह नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को नीमच मध्यप्रदेश का एक व्यापारी सत्यनारायण बंजारा जटवाडी गांव में चटाई बेचने के लिए आया तो उसने गांव के बाहर एक खेत में टाइगर के घूमने की सूचना ग्रामीणों को दी। इस पर ग्रामीण खेतों की ओर हथियार लेकर गए लेकिन उन्हें टाइगर नहीं मिला। गांव में टाइगर के आने की सूचना से ग्रामीणों ने घरों से निकलना खेतों पर जाना बंद कर िदया है।

समूहबनाकर कर रहे तलाश

वनविभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने शनिवार को टाइगर की तलाश समूह बना कर की लेकिन वह नहीं मिला। वन विभाग के उप वनपाल केदार लाल एवं कैलाश मीना ने ग्रामीणों के साथ टाइगर की सरसों के खेतों एवं अन्य स्थानों पर तलाश की लेकिन ऐसे कोई पद चिन्ह दिखाई नहीं दिए। वहीं उन्होंने मध्य प्रदेश के व्यापारी से भी इस बारे में पूछताछ की। उसने बताया कि गांव लौटते समय खेतों में उसने टाइगर जैसा जानवर देखा था। भय के कारण वह पूरी तरह नहीं देख पाया और लौट आया।

अभीतक पुष्टि नहीं

^ग्रामीणोंकी सूचना पर गांव में टीम भेज दी गई है, लेकिन टाइगर जैसे ना कोई पद चिन्ह मिले हैं ना इसकी पुष्टि की गई है। वन कर्मियों को तलाश के लिए भेज दिया गया है। टाइगर की तलाश की जा रही है। राजेन्द्रसिंह चौहान, उप वन संरक्षक करौली