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धौलादाता में आजादी के 67 साल बाद पहुंचा प्रशासन

7 वर्ष पहले
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पंचायतीसमिति नादौती के धौलादाता गांव पहुंचने के लिए आज भी उबड़-खाबड़, उतार-चढ़ाव पथरीली पगडंडी का कष्टमय रास्ता तय करना पड़ता है। करीब 100 कच्चे घरों वाले इस गांव की करीब 600 आबादी है। बुधवार को पहली बार आजादी के 67 साल में गांव में भामाशाह कैंप राित्र चौपाल के लिए जिला प्रशासन का अमला पहुंचा तो महिला-पुरुष बड़े उत्साहित नजर आए। हालांकि यहां पहुंचने में प्रशासनिक अमले को करीब सात किमी पैदल चलने से पसीने छूट गए। खुद जिला कलेक्टर गांव की स्थिति देखकर हैरान हुए।

ग्राम पंचायत गढ़मौरा के गांव धौलादाता में अनुसूचित जाित वर्ग के परिवार ही रहते हैं। मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने से विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार किया तो यह गांव प्रशासन की नजर में आया था। इसके बाद हालांिक कुछ िवकास के प्रस्ताव जरूर लिए गए, प्रयास हुए और आजादी के बाद गांव के लोगों को पहली बार बिजली मिली। कृत्रिम रोशनी की सौगात भी गांव के लोगों को हाल ही 15 अगस्त को मिली है। शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने से लोग अशिक्षित है। कई लोगों ने बताया कि एक तलैया है, जिस पर आमजन मवेशी पूरी तरह आश्रित हैं। सबका व्यवसाय खेती पशुपालन ही है। एक ही तालाब पर पशु और आदमी पानी पीते हैंै। बुधवार को दिनभर चल रहे भामाशाह कैंप रात्रि चौपाल मंे पहुंचे जिला कलेक्टर डाॅ.बी.एल.जाटावत गांव में मूलभूत सुिवधाओं के अभाव को देखकर हैरान रह गए। उनकी अगुवाई में आया प्रशासनिक अमला करीब सात किमी पैदल चलकर आया। उन्होंने जनसमस्याओं को सुनकर मौके पर ही निराकरण किया तो लोगों को सहज ही विश्वास नहीं हुआ कि वर्षों से चली रही उनकी समस्याएं घर बैठे दूर हो जाएंगी। धौलादाता गांव में लोग स्वतंत्रता के 67 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा, परिवहन एवं सड़क जैसी सुविधाआंे का अभाव है।

नाते-रिश्तेदारनहीं रुकते, कलेक्टर रुकने से अिभभूत हुए बुजुर्ग

गांवमें रात्रि चौपाल में जिला कलेक्टर सहित आलािधकािरयों के ठहराव को देखकर गांव के लोग अिभभूत थे। बुजुर्गों ने कहा, गांव में तो रात्रि को नाते-रिश्तेदार भी नहीं रुकते, कलेक्टर के रुकने से अब दिन बहुरने लगेंगे। डॉ.जाटावत पहले कलेक्टर हैं, जो गांव में आए हैं। हालांकि चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार करने पर चुनाव पर्यवेक्षक टी.आलोकीनाथन यहां जरूर पहु