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राजौर में 400 बच्चों को पढ़ा रहे हैं दो शिक्षक

7 वर्ष पहले
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राउमाविराजौर में दो शिक्षकों के कंधों पर 400 विद्यार्थियों की पढ़ाई कराने का जिम्मा गया है। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालय में अध्यनरत करीब 400 विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट हो रही है। वही दूसरी और अद्धवार्षिक परीक्षा नजदीक गई है। ऐसे में अब छात्र-छात्राओं को परीक्षा में फेल होने का डर भी लगने लगा है।

गौरतलब है कि जहां एक और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पंचायत स्तर पर ही स्कूलो को क्रमोन्नत कर रही है और मेधावी बालिकाओं के लिए लैपटॉप साईकिल देकर शिक्षा से जोड़ने के लिए आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। वही दूसरी और 7 साल पूर्व माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत हुए स्कूल में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई चौपट हो रही है। शिक्षकों की कमी से स्कूल के परिणाम में गिरावट आती जा रही है जिससे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की पोल खुल रही है। सरकार हर वर्ष प्रदेश में सैकडों स्कूलों को क्रमोन्नत कर वाह-वाही लूटने का प्रयास कर रही है लेकिन यह स्कूल केवल कागजो में ही उच्च स्कूल होने का दर्जा पा सके है। ना तो इन स्कूलो मे व्याख्याता लगाए है ना ही वरिष्ठ अध्यापक। जिससे विद्यार्थिओं की पढ़ाई खतरे मे पड रही है। वही परिजनो को बच्चों की पढ़ाई की चिंता होने लगी है

इन विषयों के अध्यापक नहीं

व्याख्याताअंग्रजी, हिंदी, इतिहास, साहित्य, भूगोल, सामान्यज्ञान वरिष्ठ अध्यापकों के गणित, सामान्यज्ञान, हिंदी के पद रिक्त चल रहे हैं। इसी प्रकार सामान्य शिक्षक के भी दो पद रिक्त है एक पद चर्तुथ श्रेणी का पद स्कूल क्रमोन्नत होने के साथ ही रिक्त चल रहे है।

सिर्फआश्वासन मिला

ग्रामपंचायत राजौर मे 18 नवंबर को रात्रि चौपाल में जनसुनवाई के दौरान राजौर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को स्कूल में चल रहे रिक्त पदों को भरने के लिए ज्ञापन सौपा। कलेक्टर बी.एल.जाटावत ने शीघ्र ही जिला शिक्षा अधिकारी से बात कर शिक्षक लगाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने बताया की 20 दिन गुजर जाने के बाद भी स्कूल में अभी तक कोई शिक्षक नही लगाया गया है।

िलस्टनिकलते ही लगाएंगे

^स्कूलोंमें चल रहे रिक्त पद भरने के लिए अधिकारियों को बता रखा है। जैसे ही लिस्ट निकलेगी शिक्षक लगाए जाएंगे। -रामकैलाशमीणा, माध्यमिकजिला शिक्षा अधिकारी करौली।