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फर्जी जॉबकार्डों से उठाया लाखों का भुगतान

7 वर्ष पहले
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मनरेगायोजनांतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर में फर्जी जॉबकार्ड लाखों रुपए का भुगतान उठाने का मामला सामने आया है। योजनांतर्गत कार्यों में अनियमितता राशि गबन के दोषियों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने का जिला परिषद ने करौली पंचायत समिति के विकास अधिकारी को आदेश दिया है। वहीं सरपंच के खिलाफ राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 के अंतर्गत कार्रवाई करना प्रस्तावित की है।

कंचनपुर के सरपंच सचिव पर मिलीभगत कर फर्जी जॉबकार्ड बनाने लाखों रुपए का भुगतान उठाकर राशि गबन के आरोप की गांव के ही राजेश शर्मा ने कलेक्टर के यहां शिकायत दर्ज कराई। जिला कार्यक्रम समंवयक ने 3 अगस्त 2012 को जांच कार्रवाई के लिए शिकायत जिला परिषद को भेजी। जिप सीईओ ने 17 अगस्त को पंस कार्यक्रम अधिकारी करौली को जांच करने के आदेश दिए। इस पर पंचायत समिति स्तर पर दो बार जांच कराई गई। इसमें 340 फर्जी जॉबकार्ड एवं करीब साढे़ तीन लाख रु. की राशि का भुगतान होने का गबन पाया। जिला परिषद सीईओ निष्काम दिवाकर ने दोनों जांच रिपोर्टों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने का पंस करौली बीडीओ को आदेश दिया है। कंचनपुर सरपंच द्वारा मनरेगा कार्यों में अनियमितता बरतने के मामले की कार्यक्रम अधिकारी ने पंस के सहायक अभियंता नवलसिंह जादौन से जांच कराई। जिसमें प्रारंभिक तौर पर जॉबकार्ड क्रमांक 1053 के बाद 340 जॉबकार्ड फर्जी बनाना और इन पर लगातार कार्य कराकर राशि उठाना पाया। इसी मामले की कार्यक्रम अधिकारी ने पुन: लेखाकार, सहायक अभियंता पंचायत प्रसार अधिकारी की एक और कमेटी बनाकर जांच कराई। उसमें फर्जी जॉब कार्ड और 353768 रुपए की राशि गबन होना बताया। खास बात यह है कि इन फर्जी जॉब कार्डों में से वर्ष 2011-12 में 85 जॉबकार्डों पर काम दर्शाकर भुगतान किया गया। जिला परिषद ने दोनों जांच रिपोर्टों के अनुसार नियम विरुद्ध फर्जी तरीके से जॉबकार्ड बनाने तथा पंस स्तर पर एमआईएस में मिलीभगत कर इंद्राज करने और श्रम निर्धारण कर राशि का भुगतान करने को संदिग्ध मानते हुए 22 जनवरी 2013 को इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए पंस करौली के कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए। मगर कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने को अब जिला परिषद ने संलिप्तता माना है। जिला परिषद ने दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई के लिए बीडीओ को आदेशित