हिंदी से आत्म गौरव की अनुभूति
सूचनाएवं जनसंपर्क अधिकारी हरिओम सिंह गुर्जर ने कहा कि अपने दैनिक जीवन में समाचार लेखन से लेकर बोलचाल में हिंदी का अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए। गुर्जर रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर सूचना केन्द्र में आयोजित राष्ट्र भाषा की उपयोगिता पर विचार-गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में समाचार लेखन से लेकर बोलचाल में हिंदी का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा राष्ट्र भाषा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए साहित्यकारों, लेखकों को पुरस्कृत करने की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। राष्ट्र भाषा के विकास के लिए समन्वित प्रयास की जरूरत है। हिंदी भारतीयता का अस्तित्व है, वहीं मातृभाषा होने से राष्ट्र की आत्मा भी है। हिन्दी को मिठास की भाषा बताते हुए कहा कि हिन्दी के विकास से देश एवं शिक्षा का विकास बढ़ेगा। इसलिए राष्ट्र मातृभाषा हिंदी को पूरा सम्मान मिलना चाहिए।
पत्रकार संघ (जार) के जिलाध्यक्ष सुनील पाराशर ने कहा कि हिन्दी वृहद भाषा है और एक शब्द के अनेकों अर्थ निकलते हैं। हमें दैनिक समाचार लेखन में शुद्धता के साथ इसका उपयोग करना चाहिए। केसी तिवाडी ने रिश्तों के आधार पर हिंदी का जीवन में महत्व बताया। सुखदेव डागुर ने सरकारी कार्यालयों में अधिक से अधिक हिंदी भाषा में ही पत्र व्यवहार को बढ़ावा देने तथा राष्ट्र भाषा हिन्दी का उपयोग चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वैज्ञानिक शब्दावली के तौर पर उपयोग में लेने की बात कही। मनोज जैन ने कहा कि हिंदी देश को एकता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ आत्म गौरव की अनुभूति भी कराती है। जीतेंद्र यादव ने कहा कि आज के समय में हिन्दी का महत्व बढ़ा है। धर्मेंद्र शर्मा, उमेश शर्मा ने प्रारंभिक शिक्षा से ही बच्चों को राष्ट्र भाषा के प्रति जागरूक करने का सुझाव दिया। पीआरओ गुर्जर ने समाचार लेखन में अंग्रेजी हिंदी के संयुक्त उपयोग के बजाय हिन्दी का उपयोग करने की बात कही। सभी ने राष्ट्रभाषा के विकास उपयोगिता पर अपने विचार रखे तथा हिंदी को उपयोग में ज्यादा से ज्यादा लेने का संकल्प लिया।
राजकीय सार्वजनिक जिला पुस्तकालय में रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी मनाई गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेखा चौधरी ने कहा कि राष्ट्रहित में आज हिंदी का अधिकतम उपयोग करने की आवश्यक