पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रिमझिम से किसान खुश, सर्दी बढ़ी

रिमझिम से किसान खुश, सर्दी बढ़ी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सरकार को वर्षगांठ मनाने का अधिकार नहीं-बैसला : पेज 19

हिंडौन सिटी/ हिंडौन ग्रामीण | मौसमकी पहली मावठ ने किसानों के चेहरे की मुस्कान ला दी है। शुक्रवार को हुई मावठ से खरीफ की फसलों को फायदा होगा। सुबह रिमझिम बारिश से अचानक मौसम ने पलटा खाया और सर्दी का असर तेज हो गया। किसानों का कहना है कि यह मावठ खरीफ की फसलों के लिए अमृत के समान है।

उपखंड में कई स्थानों पर शुक्रवार सुबह करीब 15-20 मिनट तक रिमझिम होने से सड़कों पर कई जगह पानी भर गया। इसके बाद दिनभर सूर्यदेव की लुकाछिपी चलती रही। सर्दी बढ़ने से लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। इरनियां के किसान कमल मीणा, रीठौली के किसान मानसिंह, खेड़ा के किसान दामोदर, सनेट के कैलाश शर्मा, रघुनाथ मीणा, रामखिलाड़ी, दिनेश सैनी आदि ने बताया कि मावठ से सूखी पड़ी जमीन में नमी आएगी और अच्छी फसल होगी। गेहूं की फसल को पानी भी ज्यादा चाहिए, इसलिए मावठ अमृत साबित होगी। शुक्रवार को खेड़ा, जमालपुर, फैलीपुरा, फुलवाड़ा, कांचरौली, पटोंदा, सनेट, कटकड़, बाढ़ करसौली, झारेड़ा, सिकरौदा, जहानाबाद, इरनियां, बिनेगा, क्यारदा, नंगला मीणा, गांवड़ी मीणा, दानालपुर, बरगमां, कजानीपुर खेड़ी चांदला आदि स्थानों पर रिमझिम बारिश हुई।

जिलेमें सरसों गेहूं की सर्वाधिक बोआई : कृषिविभाग के सहायक निदेशक पुखराज मीणा ने बताया कि जिले में इस बार खरीफ की फसलों की बोआई का एक लाख 90 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य पर किसानों की ओर से एक लाख 80 हजार 600 हेक्टेयर भूमि में बोआई की गई है। इनमें सर्वाधिक सरसों गेहूं की बोआई की है। दूसरी ओर जौ एवं तारामीरा की बोआई भी लक्ष्य से अधिक की गई।

कस्बाशहर| कस्बाशहर सहित आसपास के गांव बाड़ा, सावटा, सोप, कैमा, बागौर, बामोरी, बास आदि गांवों में भी बारिश हुई।

हिंडौन सिटी. करौलीमार्ग पर भरा पानी।