बीपीएल शहरी आवास योजना को लगा ग्रहण
कितना बंटना था पैसा
अाशियाने की चाहत में डूबे कर्ज में
सरकारद्वारा गरीब आवासहीन परिवारों को आशियाने के लिए बीपीएल शहरी आवास योजना की पहली किस्त मिलते ही गरीबों के चंेहरे खिल उठे और किसी ने अपना कच्चा मकान तुड़वाकर तो किसी ने जमीन के लिए अपनी ओर से पैसा लगाकर सरकार द्वारा दी गई प्रथम किस्त से सामान मंगा कर निर्माण शुरु कर दिया। हालांकि 55 हजार रुपए से मकान बनना संभव नहीं था लेकिन फिर भी अपनी और से कुछ धन और लगाकर लोगों ने अपना आशियाना बनाने का सपना सजोना शुरु कर दिया और पहली किश्त मिलते ही उनके सपने को पंख लग गए लेकिन जब दूसरी किस्त की बारी आई तो लोगों को दूसरी किश्त मिलना शुरू हो गया लेकिन राज्य सरकार के आदेश आते ही नगरपरिषद ने केवल 920 परिवारों को ही दूसरी किश्त दी और शेष 752 परिवारों की राशि आदेशों के बाद अटक गई।
कांग्रेस सरकार ने अावासहीन गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2013-14 में पंचवर्षीय शहरी बीपीएल आवास योजना आरम्भ की गई। इसके तहत प्रत्येक बीपीएल आवासहीन परिवार को मकान बनाने के लिए 55 हजार रुपए दिए जाने थे। जिसमें 50 हजार रुपए मकान बनाने के लिए और 5 हजार रुपए शौचालय बनाने के लिए दिए जाने थे। इसके चलते करौली नगरपरिषद द्वारा सबसे पहले 1672 लोगों को चिह्रित कर मकान बनाने के लिए तीन किश्तों में लगभग 9.20 करोड़ रुपए बांटे जाने थे। जिसमें पहली किस्त प्रत्येक परिवार को 25 हजार, दूसरी किस्त 20 हजार तीसरी किस्त 10 हजार रुपए दिए जाने थे लेकिन सरकार परिवर्तन के साथ ही गरीबों का पक्का आशियाना बनाने का सपना चकनाचूर हो गया और उनके अरमानों पर पानी फिर गया।
अब तक बांटे 6 करोड
शहरीबीपीएल आवास योजना के शुरु होने के बाद प्रथम किस्त के रुप में सरकार द्वारा नगरपरिषद के माध्यम से प्रत्येक बीपीएल परिवार को 25 हजार रुपए देने थे। इसके तहत नगरपरिषद क्षेत्र में 1672 लोगों को प्रथम किस्त 418 लाख रुपए बांटे गए। इसके बाद दूसरी किश्त के रुप में प्रत्येक परिवार को 20 हजार रुपए दिए जाने थे। इस हिसाब से 1620 परिवार को 3 करोड़ 34 लाख 40 हजार रुपए नगरपरिषद को बांटने थे लेकिन सरकार बदलते ही योजना को ग्रहण लग गया और मात्र 920 परिवारों को 184 लाख रुपए का वितरण किया जा सका और सरकार के आदेशों की पालना में योजना का पैसा रोक लिया गया और 752 परिवार बीपीएल आवास योजना की दूसरी