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बस स्टैंड पर पसरा अतिक्रमण, यात्री परेशान

7 वर्ष पहले
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कस्बेका बस स्टैंड अतिक्रमण की चपेट में है। अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से बेतरतीब खड़े वाहन लोगों की मुसीबत बढ़ा देते हैं। हाथे ठेला व्यवसायी जहां जगह मिलती वहां खड़े हो जाते हैं। बस स्टैंड पर आवारा पशुओं का जमघट लगा रहता है। इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। बस स्टैंड पर अतिक्रमण इस कदर फैल चुका है कि वाहन निकालना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। करेड़ा कस्बे से भीलवाड़ा, पाली, उदयपुर, अहमदाबाद, इंदौर, सूरत, मुंबई आदि शहरों में बसों का संचालन होता है। इससे यात्रियों की संख्या भी काफी रहती है। आसींद-गंगापुर बस एसोसिएशन अध्यक्ष राधेश्याम श्रोत्रिय ने बताया कि बस स्टैंड पर अतिक्रमण ज्यादा है। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिसकर्मी तैनात होना चाहिए।

विश्रांतिगृहमें भी अतिक्रमण

बसस्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए विश्रांतिगृह बनाया गया। लेकिन यह यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आसपास अतिक्रमियों ने कब्जा कर रखा है। इससे यात्रियों को विश्रांतिगृह दिखाई भी नहीं देता है। बस स्टैंड पर यातायात पुलिस तैनात नहीं होने से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ी हुई है।

सुलभकांप्लैक्स नहीं

बसस्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए सुलभ कांप्लैक्स नहीं है। एकमात्र मूत्रालय है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से यह बदबू मार रहा है। बस स्टैंड पर रोजाना सवा सौ वाहनों का आवागमन रहता है। यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद सुविधाएं माकूल नहीं हैं।

51साल पुराना है बस स्टैंड

बसस्टैंड 51 साल पुराना है। पहले बस स्टैंड गढ़ चौक में था। आबादी वाहनों की संख्या बढ़ने से बस स्टैंड बारी का दरवाजा के बाहर कर दिया गया। बस स्टैंड काफी पुराना होने के बावजूद यहां सुविधाओं का टोटा है।

करेड़ा. बसस्टैंड पर अतिक्रमण होने बीच सड़क पर वाहनों को खड़ा करने से परेशान होते यात्री।

^बस स्टैंड की जगह बदलने की योजना प्रस्तावित है। जल्द ही बस स्टैंड को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। -मंजूदेवी जीनगर, सरपंच

भास्कर न्यूज | करेड़ा

कस्बेका बस स्टैंड अतिक्रमण की चपेट में है। अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से बेतरतीब खड़े वाहन लोगों की मुसीबत बढ़ा देते हैं। हाथे ठेला व्यवसायी जहां जगह मिलती वहां खड़े