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राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामभरोसे

7 वर्ष पहले
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राजकीयप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के क्रमोन्नत होने के एक साल बाद भी कोई नया भवन नहीं बना है। वहीं कोई चिकित्सक नहीं लगाने को लेकर क्षेत्र के बीमार होने वाले लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र वर्षों पुरानी मांग के बाद चिकित्सा विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिया, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को इलाज के लिए भटकने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सा विकास समिति के सदस्य बजरंग प्रसाद मजेजी ने बताया कि सांपला का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मात्र एक ड़ॉक्टर एक मेल नर्स एक कंपाउडर के भरोसे है। इसमें सांपला, सूंपा, जालिया, रामपाली, बिलिया, भगवानपुरा, सुरजपुरा, खेड़ी शंकर, गोपालपुरा, कल्याणपुरा, श्यामपुरा, सांपली, रामेखड़ी, गुंदाली, सहित कई गांवों के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।

जबकि पूर्व चिकित्सा मंत्री दुरुमियां से एक शिष्ट मंडल ने मिलकर इन समस्या से अवगत कराया। सांपला का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए लोगों को सुविधा नहीं मिलने के कारण बुखार या अन्य बीमारी के लिए केकड़ी या अजमेर जाने का मजबूर होना पड़ रहा है। चिकित्सालय विकास समिति के सदस्य रामप्रसाद डागा ने बताया कि सांपला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 26 से अधिक गांवों के लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा है। सरकार द्वारा जनकल्याकारी योजना हो या प्रसव के तहत लोगों को मलने वाली सुविधा के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण बंगाली डाक्टरों या झोलाछाप डॉक्टरों के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं।

108या 104 की व्यवस्था की मांग: नरेंद्रगर्ग ने बताया कि सांपला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्रमोन्नत होने के बाद भी 108 या 104 वाहनों की व्यवस्था नहीं होने के कारण कोई भी होने पर 20 किमी दूर केकड़ी या 40 किमी दूर सरवाड़ जाना पड़ता है। ऐसे में कम समय पर मरीज को इलाज नहीं मलने पर दम तोड़ रहे हैं। वहीं प्रसव महिलाओं को भी समय पर 104 वाहन की व्यवस्था नहीं मिलने के कारण क्षेत्र में अब तक एक दर्जन से अधिक महिलाओं को प्रसव के समय इलाज नहीं मिलने पर मृत्यु हो गई है।

इनकाकहना है

^सांपला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन ड़ॉक्टर के अभाव में लोगों को इला