सरकारी जमीन पर भू सौदागरों का कब्जा
ग्रामअजगरा में चरागाह भूमि पर भू माफिया द्वारा कब्जा करने का मसला अभी सुलझा ही नहीं वहीं मोलकिया ग्राम पंचायत के ग्राम कोहड़ा की चरागाह भूमि पर भी भू सौदागरों द्वारा भूमि पर कब्जा किए जाने के मामले ने तूल पकड़ा। कोहड़ा के ग्रामीणों ने गुरूवार को उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी से कोहड़ा की चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
ग्रामवासियों ने उपखंड अधिकारी को बताया कि कुछ लोग चरागाह भूमि पर ट्रैक्टर से हकाई कर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पूछताछ की तो पता चला िक जमीन बीसलपुर के विस्थापितों का अवार्ड के रूप में आवंटित की थी। जिसे उन आवंटियों ने भू सौदागरों के हाथ बेच दी है। चरागाह भूमि आवंटत किए जाने का पता चलते ही ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया है और वह एकजुट होकर चरागाह की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कवायद में जुट गए है। इस बारे में कोहड़ा के ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच रामलाल गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य प्रभुलाल मीणा के नेतृत्व में गुरूवार को उपखंड अधिकारी सहित पुलिस उप अधीक्षक तहसीलदार को ज्ञापन देकर चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है।
कोहड़ा ग्राम के पंचायत वार्डपंच रामदेव रेगर, पूर्व उपसरपंच मूलचंद, प्रधान जाट, हगामीलाल रेगर, रामकरण साहू, कैलाश रेगर, बालूराम कुम्हार, जगदीश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कोहड़ा ग्राम की करीब दो सौ बीघा चरागाह भूमि पर बरसो से कोहड़ा सहित आस पास गांव के पशु चरते रहे हैं। इस भूमि पर गत दिनों से कुछ लोगों द्वारा ट्रैक्टर से हकाई कर जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। इससे ग्रामीणों को पशुओं के चराने की समस्या हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि चरागाह भूमि को प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से बीसलपुर के विस्थापितों को आवंटित करा दिया गया है। जिसे भू सौदागरों ने औने पौने दामों में आवंटियों से खरीद ली है और कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों कि शिकायत सुनने के बाद उपखंड अधिकारी केके गोयल ने आश्वस्त किया है कि इस मामले की वे तहसीलदार पटवारी से बात कर जांच करवाएंगे।
केकड़ी. उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन करते कोहडा के ग्रामवासी।