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- झालावाड़ सीएमएचओ को पता नहीं कितने हैं स्क्रब टायफस के रोगी रोगी रोगी पहुंचते हैं देरी से, कुछ घं
झालावाड़ सीएमएचओ को पता नहीं कितने हैं स्क्रब टायफस के रोगी रोगी रोगी पहुंचते हैं देरी से, कुछ घंटों में चल बसते हैं,
हाड़ौतीके विभिन्न इलाकों से कोटा शहर के निजी सरकारी अस्पतालों में स्क्रब टायफस के रोगी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। झालावाड़ जिले से भी अब तक 34 स्क्रब टायफस रोगी पहुंच चुके हैं। इनमें 22 रोगियों की एलाइजा टेस्ट में तथा 12 रोगियों की रेपिड कार्ड टेस्ट में पुष्टि हो चुकी है। इनमें से तीन की मौत भी हो चुकी है लेकिन झालावाड़ सीएमएचओ डॉ. साजिद खान को रोगियों की संख्या तक पता नहीं हैं। जब उनसे भास्कर ने रोगियों की संख्या के बारे में पूछा तो उन्होंने रोगियों की संख्या 6 बताई साथ ही इस रोग से किसी की मौत नहीं होने की बात कही।
कोटा में भर्ती होने वाले रोगियों की सूचना कोटा सीएमएचओ डॉ. आरएन.यादव की ओर से दिए जाने की बात पर डॉ. खान ने कहा कि हमें कोई सूचना नहीं दी जा रही है। हमें तो समाचार पत्रों के माध्यम से ही रोगियों के बारे में पता चलता है। जब उनसे पूछा गया कि रोग की रोकथाम को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है तो उनका कहना था कि ब्लॉक सीएमएचओ, डॉक्टरों, एएनएम की दो बार बैठकें लेकर उन्हें रोग की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन चिकित्सा महकमें के एक जिम्मेंदार अधिकारी सीएमएचओ को स्क्रब टायफस के कुल रोगियों इस रोग से मरने वालों की संख्या का पता नहीं होना उनकी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
देरीसे पहुंचते हैं रोगी
स्क्रबटायफस रोग लाइलाज नहीं हैं, लेकिन अब तक कोटा पहुंचे रोगियों में ग्रामीणों की संख्या 105 को पार कर चुकी हैं। इनमें से अधिकतर रोगी देरी से अस्पतालों में पहुंचते हैं। एमबीएस के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोज सलूजा का कहना है कि गांवों से आने वाले अधिकतर रोगी देरी से पहुंच रहे हैं। वे पहले अपने स्तर पर इलाज करवाते रहते हैं। जब स्क्रब टायफस का असर मस्तिष्क, फेफड़ों किडनी पर पहुंच जाता है साथ ही उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है तभी वे बड़े अस्पतालों में पहुंचते हैं। ऐसे में रोग जानलेवा होता है।
रोजभेजी जा रही है रिपोर्ट
बूंदी,बारां, झालावाड़ के जो भी स्क्रब टायफस रोगी कोटा शहर के सरकारी निजी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। उनके बारे में संबंधित सीएमएचओ को रिपोर्ट प्रतिदिन भेजी जा रही है। यदि झालावाड़ सीएमएचओ इससे इंकार कर रहे हैं तो वे सत्य नहीं हैं। उनसे चर्चा की जाएगी। डॉ. आरएन.यादव, सीएमएचओ
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