शहीदे करबला की याद में निकले ताजिए
शहीदेकरबला हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में चालीसवें पर शनिवार को शहर में 35 ताजिये निकाले गए। इस दौरान या अली-या हुसैन के नारे गूंजते रहे। हुसैनी अखाड़े के पहलवानों ने पट्टा बाजी के करतब दिखाए। मगरिब के बाद ताजियों को कालीसिंध नदी पर स्थित करबला ले जाया गया। शहर में अलग-अलग स्थानों पर बनाए ताजियों को दोपहर में बड़ा बाजार सीमेंट रोड पर लाया गया।
यहां करीब दो घंटे तक मुकाम रहा। इस दौरान या अली या हुसैन की सदाएं गूंजती रही। इसमें युवाओं ने बड़ चढ़कर हिस्सा लिया। औलेमा बैंड की धुन पर हजरत इमाम हुसैन की याद में कलाम पढ़ते रहे। इसके साथ युवाओं ने पट्टाबाजी के कई करतब दिखाई। दोपहर बाद 3 बजे करीब ताजियों को उठाकर जुलूस के रुप में आगे ले जा गया।
सर्राफा बाजार, धोकड़े के बालाजी गागरोन रोड़ होते हुए जुलूस शाम को मस्जिद चूड़ीग्रान के पास पहुंचा। जहां पर सभी ताजियों को मुकाम कराया। यहां पर ईदगाह कमेटी की और से हलीम पुलाव तकसीम किया गया। मगरिब की नमाज के बाद फिर ताजिये उठाए गए, जिन्हें कालीसिंध नदी पर स्थित करबला ले जाया गया। जहां पर देररात तक उन्हें ठंडा करने का कार्यक्रम चलता रहा।
हुसैनी सोसायटी के सदर सैयद राशिद अली ने बताया कि शुक्रवार रात को अल्लाह की याद का इमाम बाड़े में लंगर का आयोजन किया गया। चालीसवें के मोहर्रम पर शहर में 35 ताजिए निकाले गए। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
शहीदीकलाम के साथ आज निकलेंगे ताजिए
खानपुर.हजरतइमाम हुसैन की शहादत के चहल्लम पर कस्बे में रविवार को प्रमुख मार्गो से ताजिये निकाले जाएंगे। ताजिए के जुलूस में मुख्य आकर्षण तीन अखाडे़ राजकमल बैण्ड जो शहीदी कलाम पेश करेंगे। अंजुमन कमेटी के सदर मुकीम खान ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत के चहल्लम पर कस्बे में अलग-अलग अखाडो़ के पठ्ठो के द्वारा हैरतअंगेज व्यायाम प्रदर्शन कर रविवार सुबह 11 बजे जामा मदीना मस्जिद से ताजिए उठेंंगे। इस वर्ष दो ताजिए मन्नत के साथ कुल तीन ताजिये निकाले जाएंगे। सचिव हाजी फरीदउद्दीन ने बताया कि जुलूस के मुख्य आकर्षण का केन्द्र बारां का राजकमल बैण्ड शहीदी कलाम पेश करेगा।
पनवाड़.कस्बेमे 40 वें के मोहर्रम रविवार को निकाले जाएंगे। हुसैन कमेटी के इरफान ने बताया कि कस्बे में हजरत इमाम हुसैन की शहादत मे 40वें का मोहर्रम शनिवार रात जामा मस्जिद से जुलूस के