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ढाई वर्ष से नहीं है महिला डॉक्टर, दवाइयों का भी टोटा

7 वर्ष पहले
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कस्बेके सामुदायिक अस्पताल में ढाई वर्ष से महिला डॉक्टर पद रिक्त होने से महिला रोगियों प्रसूताओं को इलाज के लिए झालावाड़ रैफर किया जाता है। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में मिलने वाली दवाइयों की कमी होने से कई दिनों से बीपीएल, एपीएल परिवार के रोगियों को बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है। हाडोती नवनिर्माण सेना प्रमुख विशाल पार्थ ने बताया कि जनरल वार्ड में मरीजों को चद्दर नहीं दिए जाने से बिना चद्दर के बैड पर लेटना पड़ रहा है।

अस्पताल में जांच काउंटर पर सीबीसी अन्य जांच बंद होने से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन माह से एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं होने से बीपीएल एपीएल परिवार के रोगियों को बाजार में महंगी दरों पर कराना पड़ रहा है। युवा कांग्रेस महासचिव मुफद्दल बोहरा, दीप्तेश बैरागी ने बताया कि अस्पताल में प्रतिमाह दो सौ से अधिक प्रसव होते हैं।

सुविधाएं नहीं मिलने से महिला रोगियों को रैफर कर दिया जाता है। इस संबंध में ब्लाक मुख्य चिकित्सा स्वास्थ अधिकारी डाॅ. धीरेंद्र गोपाल मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के अंतर्गत मिलने वाली 450 में से 120 दवाइयां उपलब्ध है। एक्स-रे फिल्म की डिमांड भिजवाई गई है तथा वार्ड में मरीजों को आवश्यकता के अनुसार चद्दर उपलब्ध कराई जाती है। महिला चिकित्सक पद रिक्त को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

खानपुर. चिकित्सालय में निशुल्क केन्द्र पर दवा लेते परिजन।

खानपुर. चिकित्सालय के जनरल वार्ड में बिना चद्दर के लेटे मरीज।