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किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र
किशनगंज. कस्बेमें संचालित आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय जो कई सालों से भवन के अभाव में किराये के भवन में संचािलत हो रहा है।
भास्कर न्यूज. किशनगंज
राज्यसरकार की ओर से कुपोषण की रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हो, लेकिन जहां से प्रथम स्तर से बालकों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए प्रयास किए जाते हो और वहीं पर भवन सुविधाओं का अभाव हो तो सरकार की योजना का लाभ किस तरह बच्चों को मिलेगा। बच्चे कुपोषण से छुटकारा पाएंगे।
उपखण्ड में महिला बाल विकास के पर्याप्त भवन नहीं होने से इसके अधीन आने वाले 54 केंद्रों को किराए के भवनों में चलाया जा रहा है। अन्य शेष 90 भवनों को प्राइमरी स्कूलों में संचालित किया जा रहा है। इनमें से कुछ जीर्ण-शीर्ण और बाकी रहने के अनुरूप नहीं होने से परेशानियों रही है। किराए के आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार की और से देय सुविधाएं नहीं है। कई जगह पर इनके लिए एक ही कमरा है। इसके बाद बच्चों को पढाई के बाद पोषाहार भी उसी कमरे में दिया जाता है। इससे काफी परेशानी होती है। किराए के भवनों में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल की पर्याप्त जगह भी नहीं है। विभागीय सूत्रों के अनुसार किराए के केन्द्रों को खुद का भवन उपलब्ध करवाने के लिए जनप्रतिनिधियों विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन भवन नहीं दिया गया। इन जीर्ण-शीर्ण भवनों में बारिश के दिनों में पानी भी छतों से टपकता है तो कच्चे भवनों में चल रहे केन्द्रों का ढहने का डर सताता है। इनमें पर्याप्त रोशनी तथा बैठक की भी समुचित व्यवस्था का अभाव है।
ऐसाहो आंगनबाड़ी केंद्र
महिलाबाल विकास की गाइड लाइन के अनुसार आंगनबाडी केंद्र के लिए एक बडा कमरा, स्टॉक कक्ष, बरामदा तथा कीचन होना चाहिए। जबकि क्षेत्र में इस प्रकार के केंद्रों की संख्या कम ही है।
यहांस्क्ूलों में चल रहे हैं केंद्र
समेकितबाल विकास विभाग के अंतर्गत क्षेत्र की ग्राम पंचायत के रामपुरटोडिया में 8 खाखरा में सभी, किशनगंज में 4 विभाग के भवनों में एक स्कूल में, बरूनी में एक, नाहरगढ में चार केन्द्र विभाग के भवनों में एक स्कूल में, जलवाडा में एक केंद्र स्कूल में एक विभाग के भवन में रामगढ में चार विभाग के भवनों में एक स्कूल के भवन में इसी प्रकार रेलावन में चार केंद्र विभाग के भवन एक केंद्र स्कूल से संचालित हो रहे हैं। कमोबेश सभी ग्राम पंचा