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बिलासी डैम से नहीं मिल रहा सिंचाई के लिए पानी

7 वर्ष पहले
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किशनगंज| सिंचाईविभाग की उदासीनता के चलते बिलासी डैम से जुड़े टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने के कारण किसान रबी खरीफ दोनों फसलों के समय ही खासे चिंतित रहते हैं, जबकि रास्ते में कई जगह पर पानी व्यर्थ ही बहता रहता है। बिलासी डैम के पूरा भरने के बाद भी टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से अपने स्तर पर ही बोरवैल से पानी लेकर सिंचाई करनी पडती है।

तालाब का पूरा पानी हैड रास्ते में ही रह जाता है। कई सालों पहले सिंचाई विभाग की ओर से टेल क्षेत्र के 9 गांवों का सर्वे कर नहरों का निर्माण करवाया गया था। उस समय पूरी नहर का परीक्षण करने के लिए नहर को टेल तक छोड़ा गया था। इसके बाद से ही टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंचा है। विभाग की ओर से नहरों माइनरों की समय-समय पर साफ-सफाई नहीं करवाने से पूरे वेग से पानी आगे नहीं बढ पाता है। 5,6,7 8 नंबर माइनर के क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी व्यर्थ बह जाता है। आगे नहीं बढ़ पाता। टेल क्षेत्र से जुड़े किसान कई बार मुख्यमंत्री, विधायक सांसद को भी अपनी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन विभाग ने भी इस परियोजना के लिए टेल क्षेत्र के किसानों तक पानी पहुंचे। इसके लिए राज्य सरकार को 7-8 करोड का बजट बनाकर भेज रखा है, लेकिन विभाग की बजट नहीं होने की बात कर किसानों को टाल देता है। वहीं सिंचाई विभाग के एक्सईएन मनोज गोयल ने बताया कि बिलासी डेम का पानी टेल क्षेत्र के किसानों को मिले। इसके लिए बजट का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट आते ही नए सिरे से नहरों का निर्माण शुरू किया जाएगा।

साफ-सफाईमरम्मत हो तो बने बात

बिलासीडेम से टेल क्षेत्र तक जुडे किसानों तक सिंचाई विभाग को पानी पहुंचाना है तो माइनरों में पानी छोड़ने से पहले सभी की साफ-सफाई मरम्मत होना चाहिए। माइनरों के काश्त जमीन के हिसाब से पानी का प्रवाह हो। प्रवाह के लिए बारी-बारी से पानी देने की व्यवस्था की जाए। सभी माइनरों पर गेट की व्यवस्था की जाए। नहर पर जगह-जगह पर विभाग की ओर से कर्मचारियों की व्यवस्था की जानी चाहिए। सभी माइनर समितियों का नए सिरे से गठन हो और उनकी की सहमति से नहरों में पानी छोडा जाए। नहरों को दुबारा पक्का निर्माण करवाया जाएं।

समाधाननहीं तो होगा आंदोलन

टेलक्षेत्र के किसान अजय चौधरी, हरिशंकर कटारिया, छीतरलाल नागर, बृजमोहन नागर, राजकुमार सुमन,