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90 लाख खर्च करने पर भी लोगों को नहीं दिए कनेक्शन

7 वर्ष पहले
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राज्यसरकार की ओर से रामगढ़ के लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए 90 लाख रुपए की राशि खर्च करके शुरू की गई पेयजल योजना का लाभ जलदाय विभाग की उदासीनता के चलते लोगों को नहीं मिल रहा है।

लाखों की लागत से यहां पर एक लाख लीटर के पानी की क्षमता की टंकी का निर्माण कराकर गांव में जगह -जगह घर-घर में नलों के कनेक्शन देने थे, लेकिन विभाग की ओर से इस ओर ध्यान नहीं देने के कारण आज तक भी पूरी रामगढ़ में कनेक्शन नहीं नहीं हुए है। जबकि कई लेागों ने कुछेक दूरी तक डाली मुख्य पाइप लाइन में छेद कर कनेक्शन ले रखे हैं। इसके कारण आगे तक पानी नहीं पहुंच रहा है।

ऐसे में लोगों के लिए लाखों की राशि खर्च कर पेयजल देने की सरकार की कोिशश का फायदा आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है। रामगढ़ में लगभग पांच हजार की आबादी है। इसमें नजदीक के ब्रह्मपुरा के गांव को भी पेयजल सप्लाई के लिए शामिल किया है, लेिकन अभी तक वहां भी लाइन नहीं बिछाई गई है। ग्रामवासियों का कहना है कि ठेकेदार की ओर से सही ढंग से कार्य नहीं करने के कारण हाल ही में बनाई गई टंकी में भी जगह जगह पर छेद हो गए हैं। इसके कारण टंकी से भी पानी टपक रहा है ओर लोगों को समय पर पानी भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं विभाग की ओर से इस और ध्यान नहीं देने के कारण कुछेक लोग िबछाई लाइन को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं इस बारे में विभाग को भी कई बार शिकायत कर चुके है, लेकिन विभाग की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

गांव के गुरुवचन भारती, विवेक सक्सेना, हंसराज बसवाल, लाल मोहम्मद ने बताया कि विभाग को टंकी से लेकर गांव के पूरे मोहल्ले से ब्रह्मपुरा तक पाइप लाइन डालनी थी, लेकिन विभाग की ओर से इस ओर ध्यान नहीं देने के कारण ठेकेदार की ओर से कुछेक मोहल्लों में ही लाइन डालकर छोड़ दिया और कनेक्शन भी जारी नहीं किए। इसके कारण कुछ लोग अपने स्तर से ही पाइप लाइनों में छेद कर कनेक्शन ले रहे हैं। लाइन के अभाव में आधे से भी अधिक कस्बे के लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामवासियों ने आमजन की परेशानी को देखते हुए प्रशासन से पूरे रामगढ़ में पाइप लाइन डालकर कनेक्शन जारी करने की मांग की है।

वहीं जलदाय विभाग के अभियंता मदनमोहन तैलंग ने बताया कि ग्रामीण पेयजल योजना के तहत ठेकेदार को ही छह साल के रखरखाव की जिम्मेदारी दी है। वहीं कनेक्शन मोहल्लों का चयन कर सा