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गोपालपुरा डैम का एस्टीमेट बदला किसान संघ विरोध में उतरा, धरना

5 वर्ष पहले
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भारतीयकिसान संघ की ओर से गोपालपुरा डैम के एस्टीमेट में बदलाव विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम एसडीएम अशोक पुरसवानी को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले किसान संघ के सभी पदाधिकारी किसान पेट्रोल पंप पर एकत्रित हुए। यहां से रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां मांगों को लेकर राज्य सरकार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

इसके बाद मुख्यद्वार पर ही धरना देकर बैठ गए। बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान धरने को संबोधित करते हुए विभाग प्रचार प्रमुख सत्यनारायण सिंह ने कहा कि गोपालपुरा तालाब को बने 40 साल से भी अधिक हो गए, लेकिन अब तक तालाब की मोहरी से आगे चार किमी तक नहर का निर्माण नहीं किया गया है। तालाब का पानी चार किमी तक एनिकट से होकर ही नदी में आता है। सरकार की ओर से इस नहर निर्माण के लिए साढ़े तीन करोड़ की मंजूरी मिली है, लेकिन जल संसाधन विभाग की ओर से वन विभाग के डर से कार्य शुरू नहीं करवाया जा रहा है। पानी छोड़ने के बाद 70 प्रतिशत पानी नदी में व्यर्थ ही बहता रहता है। इसलिए प्रशासन को पूरे तालाब का नए सिरे से एस्टीमेट बनाकर रियासतकालीन नहर की साइडों की दीवारों को चार फीट ऊंचा किया जाए। वहीं जर्जर दीवारों को मजबूत करने के साथ पूरे निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के नुमाइंदे भी तालाब के कार्य पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते विभाग की ओर से कार्य के दौरान मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे निर्माण कार्य के लिए नया एस्टीमेट नहीं बनाया गया तो निर्माण कार्य को चलने नहीं देंगे। बाद में एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद धरना समाप्त किया। इस दौरान कानून व्यवस्था को लेकर एएसआई देवकिशन नागर मय जाब्ते के मौजूद थे।

ये रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शनके दौरान किसान संघ के तहसील अध्यक्ष छीतरसिंह हाड़ा, जिला उपाध्यक्ष जगदीश सिंह अटवाल, कृपाल सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान श्यामसुंदर तिवारी, जमीलुद्दीन, रमेशचंद्र नागर, पपींद्र सिंह, सुखविंद्र सिंह, भीमसिंह मेहता, गुरुदीप सिंह, प्रभुलाल मीणा, हरिशंकर सनोठिया, गोबरीलाल, घनश्याम मीणा, रमेशचंद्र शर्मा, धर्मसिंह मीणा, प्रतापचंद्र शर्मा समेत कई किसान मौजूद थे।

इन मांगों का दिया ज्ञापन

किसानसंघ की ओर से अहमदी सिंचाई परियोजना के तालाब के डूब क्षेत्र की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के साथ भविष्य में अतिक्रमण ना हो इसके लिए समय-समय पर अधिकारियों से तालाब का निरीक्षण करने की मांग की गई। साथ ही तहसील क्षेत्र में 2015 में किसानोें की फसलों में हुए खराबे का जल्द मुआवजा दिलाने, केंद्रीय सहकारी बैंक भंवरगढ़ के मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सहित अन्य समस्याओं का जल्द समाधान नहीं होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

किशनगंज. कस्बे में एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते किसान संघ के कार्यकर्ता।

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