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संबलन अभियान में खुली शैक्षणिक स्तर की पोल
मदनगंज-किशनगढ़| शिक्षासंबलन कार्यक्रम के दूसरे चरण में अफसरों ने गुरुवार को किशनगढ़ शिक्षा ब्लाॅक की दस राजकीय प्राथमिक उच्च माध्यमिक स्कूलों निरीक्षण किया। यहां पर विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर खराब था।
जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बहुत निम्न था। अफसरों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि सभी स्कूलों की स्थित एक सी है। सबसे दयनीय स्थिति गणित, अंग्रेजी विज्ञान की है। सामान्य ज्ञान तो दूर की बात इन्हें तो अपने राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की भी जानकारी नहीं है। विद्यार्थियों ने बताया कि पा वड़ा तो बोल ले पड़ कदी कदी आवे कोनी, अंग्रेजी में डाक आवे केट आवे पण पढ़ो को नि आव, मस्सा म्हाने आई बताया यह कहना है गांवों में सरकारी स्कूलों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों का। शिक्षा संबल के दूसरे चरण में अफसरों ने कक्षा पहली से पांच वी तक एक तथा कक्षा छठी से आठवीं तक एक कक्षा में किन्ही दो विषयों की जांच की।
इनस्कूलों में निरीक्षण
एसडीएमअशोक कुमार ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पाटन, रूपनगढ़ एसडीएम हरिसिंह लंबोर ने राजकीय माध्यमिक स्कूल सिंगारा, सीलोरा बीडीओ रणजीत ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल काचारिया, ब्लाक शिक्षा अधिकारी निर्मल जैन ने राजकीय माध्यमिक स्कूल त्योंद, एसडीआई अनिल यादव ने राजकीय स्कूल झोंपा की ढाणी, अनिल भाकर ने मीणों की ढाणी बांदरसिंदरी, विश्वंभर दयाल बुनकर ने बंद की ढाणी, सूर्यदेव शर्मा ने बावरियों की ढाणी खातोली, रामसा के अजय गुप्ता ने उच्च माध्यमिक स्कूल दूण, एडीईओ जयनारायण गुप्ता ने बालिका माध्यमिक स्कूल दूण, राजेश कुमार शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी ने यूपीएस दूण तथा संस्कृत शिक्षा विभाग के उपनिरीक्षक महेशचंद शर्मा ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल गुर्जर मोहल्ला, अन्य अधिकारियों ने पीएस छोटू मोटू की ढाणी, बाजेड़ा बालाजी स्कूल में शिक्षा संबलन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अध्यापकों को शिक्षा का स्तर सुधारने के निर्देश दिए। वहीं लिखित कार्य की वार्षिक योजना तैयार करने शैक्षिक स्तर उन्नयन का रिकार्ड संधारित करने की बात कही। उन्होंने अध्यापकों को अपना अपना रिकार्ड सुधारने की भी हिदायत दी।
गणितमें सब गोल
अफसरोंने विद्यार्थियों की हिंदी, अंग्रेजी गणित की परीक्षा ली। गणित में ज्यादातर विद्यार्थी एक भी प्रश्न को हल नहीं कर पाए। गणित में त्रिभुज, आयत, चतुर्भुज को भी नहीं पहचान पाए। सात स्कूलों में स्टूडेंट्स लिखना तो दूर अंग्रेजी को पढ़ भी नहीं पाए। विज्ञान में कई स्कूलों में शैक्षणिक स्तर औसत से अच्छा था। विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान से कोई वास्ता नहीं था। तो राज्य की मुख्यमंत्री का नाम किसी को मालूम था ही राज्यपाल का नाम। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों का होमवर्क किसी स्कूल में स्तरीय नहीं था। इसपर जांच अधिकारियों ने अफसोस जताया। मालूम हो कि शिक्षा संबलन के दूसरे चरण का शुभारंभ बुधवार से हुआ था। इसके अंतर्गत बुधवार को नौ स्कूलों का अवलोकन एसएसए और अजमेर के अधिकारियों ने किया।